पानीपत। केंद्र सरकार द्वारा केंद्रीय बजट की घोषणा किए जाने के बाद खिलाड़ियों को आगे बढ़ने की उम्मीद मिली है। बजट में खेलों को बढ़ावा देने के लिए किए गए प्रावधानों के तहत जिले में प्रशिक्षण केंद्र खोले जाएंगे, इससे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अपने ही जिले में बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और मार्गदर्शन मिल सकेगा। खासकर लड़कियों को इससे काफी सुविधा मिलेगी। यदि जिले में प्रशिक्षण केंद्र खुलते हैं तो न केवल खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा बल्कि खेल संस्कृति को भी मजबूती मिलेगी।
नौल्था गांव की कबड्डी खिलाड़ी काफी ने बताया कि खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण के लिए दूसरे शहरों का रुख करना पड़ता था जिससे समय और पैसे दोनों की परेशानी होती थी। यदि जिले में प्रशिक्षण केंद्र खुलता है तो युवाओं को शुरुआती स्तर से ही सही दिशा मिलेगी, इससे गांव और कस्बों के खिलाड़ियों को बड़ा मंच मिलेगा और जिले से राष्ट्रीय स्तर के कबड्डी खिलाड़ी तैयार हो सकेंगे।
इसराना की खो-खो खिलाड़ी शिवानी ने बताया कि केंद्रीय बजट में प्रशिक्षण केंद्रों पर ध्यान किया जाना महिला खिलाड़ियों के लिए बेहद लाभकारी साबित होगा। उन्होंने बताया कि लड़कियों के लिए सुरक्षित और सुविधाजनक प्रशिक्षण स्थानों की कमी हमेशा एक बड़ी चुनौती रही है। यदि जिले में नियमित प्रशिक्षण केंद्र खुलते हैं तो अधिक से अधिक लड़कियां खेलों से जुड़ेंगी। इससे न केवल खेल प्रतिभा निखरेगी, बल्कि लड़कियों का आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
इसराना के शूटिंग खिलाड़ी सागर ने बताया कि शूटिंग जैसे तकनीकी खेल के लिए आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र होना बहुत जरूरी है। उन्होंने बताया कि शूटिंग में सही मार्गदर्शन, उपकरण और मानसिक प्रशिक्षण की अहम भूमिका होती है। यदि बजट के तहत जिले में शूटिंग प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना होती है तो खिलाड़ियों को बड़े शहरों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर सुविधा मिलने से प्रतिभा का सही विकास संभव हो सकेगा।
पानीपत की ताइक्वांडो खिलाड़ी काफी ने बताया कि खिलाड़ी कि ताइक्वांडो जैसे मार्शल आर्ट खेलों के लिए नियमित प्रशिक्षण केंद्र खुलने से खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीक और अनुशासन में सुधार होगा। जिले में प्रशिक्षण केंद्र खुलने से राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए खिलाड़ियों की बेहतर तैयारी हो सकेगी।
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