करनाल। डिपो होल्डर से रिश्वत लेने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। पकड़ा गया आरोपी एएफएसओ राजेंद्र अधिकारियों का चेहता था।
जिला खाद्य आपूर्ति विभाग के अधिकारियों ने उसे चार केंद्रों का चार्ज दिया था। इकलौता वही एएफएसओ था जिसके पास चार सेंटर थे बाकी एएफएसओ के पास एक-एक सेंटर का चार्ज है। आरोपी राजेंद्र को कुंजपुरा सहित घरौंडा, नीलोखेड़ी व निसिंग सेंटर की कमान दी थी। यह किसके कहने पर दी गई थी, जांच का विषय है।
इस रिश्वत कांड में और कितने अधिकारी अंदर खाते शामिल थे। इन चारों केंद्रों पर 215 डिपो होल्डर हैं। जो आरोपी राजेंद्र की निगरानी में थे। उसके द्वारा ही इन डिपो होल्डरों को राशन दिया जाता था और उसके द्वारा ही डिपो होल्डरों को कमीशन वितरण किया जाता था। इससे अलग पकड़े गए विभाग के निरीक्षक नीरज वधवा भी करीब एक साल से कुंजपुरा में तैनात थे। इसी कारण इन आरोपियों की भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी होती जा रही थी।
हालांकि नीलोखेड़ी का चार्ज आरोपी राजेंद्र के पकड़े जाने के कुछ दिन पहले ही लिया गया था। नीलोखेड़ी में एएफएसओ की शिकायत हुई थी। इस कारण उससे नीलोखेड़ी का चार्ज लिया गया था। इससे अलग अन्य एएफएसओ को एक-एक ब्लॉक दिया गया था। जिसमें रविंद्र जागलान को करनाल, राजीव लांग यान को तरावड़ी, अमन को इंद्री का चार्ज दिया हुआ था। जिले में 3 लाख 17 हजार 522 राशन कार्ड हैं। जिले में 664 राशन डिपो है। संवाद