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Karnal News: कान्हा के जन्मदिन के लिए सजे शहर के मंदिर

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01.... स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर सड़क किनारे बिकने के लिए रखे तिरंगे। संवाद - फोटो : samvad
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करनाल। जन्माष्टमी महोत्सव शुक्रवार से शनिवार तक मनाया जाएगा। इसके लिए शहर के मंदिरों को फूलों, गुब्बारों और लाइटों से सजाना शुरू कर दिया गया है। भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं को दिखाती झांकियां तैयार की जा रही हैं। अबकी बार भक्त भगवान श्रीकृष्ण के साथ हनुमान, शिव के विशाल अवतारों के भी दर्शन कर पाएंगे। कुंजपुरा रोड के सनातन धर्म मंदिर, प्रेम नगर के शिव मंदिर, सेक्टर 13 के गीता मंदिर, सदर बाजार के शिव मंदिर सर्राफा बाजार के शिव मंदिर को सुंदर लाइटों से सजा दिया गया है।
कुंजपुरा रोड के श्री सनातन धर्म मंदिर में श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के लिए झांकियां बनाई जा रही हैं। यहां हनुमान जी की विशाल स्वरूप की झांकी बनाई जा रही है। दूसरी ओर सदर बाजार के श्री रघुनाथ मंदिर भी श्रीकृष्ण की लीलाओं वाली झांकियां सजाई जा रही हैं। इस बार यहां श्रद्धालुओं के लिए मां वैष्णों देवी गुफा में बर्फ लगाई गई है। ताकि श्रद्धालु नंगे पाव बर्फ के ऊपर से गुजर कर कान्हा जी के दर्शन करने जाएंगे।
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श्री गीता मंदिर सेक्टर-13 में जहां श्रीकृष्ण की लीलाओं पर विद्यार्थी और कलाकार प्रस्तुति देंगे और मध्य रात्रि में श्रीकृष्ण भगवान का जन्मोत्सव मनाया जाएगा। चांदी के ठाकुर जी को पंचामृत से स्नान करवा भोग लगवा प्रसाद वितरित किया जाएगा। सेक्टर आठ के श्रीराम मंदिर में भी श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर ठाकुर जी को झूला झूलाया जाएगा और रात्रि को नटखट कान्हा का गुणगान कर मध्य रात्रि को केक काट कर जन्मदिन मनाया जाएगा। श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर में भी शाम के समय कान्हा जी को झूला झुलाया जाएगा। रात्रि में भजन संध्या में आशीष सागर स्नेही बधु प्रस्तुति देंगे। मध्य रात्रि ठाकुर जी का केक काट कर जन्मोत्सव मनाया जाएगा। श्रीकृष्णा मंदिर सेक्टर-14 में भी गुफा बनाकर उसमें से श्रद्धालुओं को गुजारा जाएगा और उसके बाद वे कान्हा जी के दर्शन कर पाएंगे।
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शनिवार को व्रत रखना उत्तम
श्री कर्णेश्वरम महादेव मंदिर के मुख्य पुजारी षष्टि वल्लभ ने बताया कि जन्माष्टमी महोत्सव शुक्रवार रात को 11:49 बजे से शुरू होकर शनिवार रात 09:33 बजे तक चलेगा। इस बार वृद्धि और ध्रुव योग में शनिवार को जन्माष्टमी महोत्सव मनाया जाएगा। इस बार रोहिणी नक्षत्र का संयोग दोनों दिनों में से किसी भी दिन नहीं है। शनिवार रात्रि को सिंह राशि में सूर्य का प्रवेश होगा। इसलिए शनिवार को व्रत उत्तम और सर्वश्रेष्ठ माना जा रहा है।
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