कुरुक्षेत्र। केयू भूगोल विभाग एवं एसोसिएशन ऑफ पंजाब ज्योग्राफर्स की ओर से शनिवार को दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी में यंग ज्योग्राफर प्रतियोगिता में केयू भूगोल विभाग के शोधार्थी तेजपाल को अवार्ड से नवाजा गया। प्रतियोगिता में शिमला स्थित हिमाचल प्रदेश यूनिवर्सिटी के छात्र प्रिंस मोहन ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया है।
यह अवार्ड केयू भूगोल विभाग के पूर्व शिक्षक दिवंगत डॉ. समिंद्र सिंह के नाम पर एसोसिएशन ऑफ पंजाब ज्योग्राफर्स की ओर से पहली बार शुरू किया गया है।
इस प्रतियोगिता में विभिन्न यूनिवर्सिटियों के 40 विद्यार्थियों ने प्रथम चरण में भाग लिया था। इनमें से सात विद्यार्थियों को फाइनल मुकाबले में बुलाया गया। इससे पूर्व कार्यक्रम के अंतर्गत शुक्रवार शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया, जिसमें विभाग के विद्यार्थियों और मल्टी आर्ट कल्चरल सेंटर के प्रतिभागियों ने कला का प्रदर्शन किया। सांस्कृतिक संध्या में डीन आफ रिसर्च एंड डेवलपमेंट प्रोफेसर श्याम कुमार मुख्य अतिथि और सौरभ चौधरी विशिष्ट अतिथि रहे।
संगोष्ठी के संयोजक प्रोफेसर एसपी कौशिक ने बताया कि यह अवार्ड राष्ट्रीय स्तर पर भूगोल विषय में आयोजित होने वाला पहला अवार्ड है, जिसमें पीएचडी करने वाले विद्यार्थियों को शामिल किया गया है। उन्होंने बताया कि इस अवार्ड का उद्देश्य विद्यार्थियों में भूगोल विषय के प्रति रुचि बढ़ाने के लिए किया गया है। उन्होेंने कहा कि इस प्रकार की प्रतियोगिताओं से विद्यार्थियों में प्रोत्साहन प्राप्त होगा।
संगोष्ठी में शुक्रवार शाम के सत्र में संगोष्ठी आयोजक सचिव प्रोफेसर एमएस जागलान ने कहा कि वर्तमान समय में प्राकृतिक आपदा, प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन व सामाजिक आार्थिक विकास में भूगोल विषय की अहम भूमिका है। उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में प्राकृतिक आपदाओं की संख्या में इजाफा हो रहा है।