माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। कर्ण झील पर शिक्षकों के लिए सीखने की कक्षा लगी। जहां शिक्षकों ने नई शिक्षा नीति को अनुभव के साथ समझा। सीबीएसई के निर्देश पर संत कबीर पब्लिक स्कूल के शिक्षकों के लिए विशेष तरह की कार्यशाला का आयोजन हुआ। इस दौरान बोटिंग करते हुए शिक्षकों ने ग्रेविटी और पानी पर नाव तैरने के विज्ञान को समझा।
शिक्षकों ने झील में नाव चलाकर उत्प्लावन के सिद्धांत का खुद अनुभव किया। किस आकार की नाव पानी में तैरती है, कौन-सी डूबती है और पानी में वस्तु का वजन हल्का क्यों लगता है। यह सब उन्होंने प्रत्यक्ष रूप से देखा। नई शिक्षा नीति 2020 की भावना के अनुरूप, यह सत्र इस बात का उदाहरण बना कि सीखना तभी सार्थक है जब वह वास्तविक जीवन से जुड़ा हो। स्कूल के निदेशक अंगद ने बताया कि नाव चलाने के बाद शिक्षकों को छोटे-छोटे समूहों में बांटा गया और कहा गया कि कागज से अपनी नाव बनाओ।
सबने कागज और फॉयल से नाव बनाईं और परखा कि कौन-सी सबसे ज़्यादा भार उठा सकती है। जब कुछ नावें डूबीं और कुछ तैर गईं, तो चर्चा शुरू हुई कि ऐसा क्यों हुआ है। यही वह पल था जब सीखने में उत्सुकता, टीमवर्क और वैज्ञानिक सोच एक साथ दिखाई दी। ब्यूरो