माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। नव भारत साक्षरता मिशन के तहत उल्लास कार्यक्रम में निरक्षरों की पहचान करने वाले और 31027 निरक्षरों को अक्षर ज्ञान देने में सहयोग करने वाले शिक्षकों एवं स्वयंसेवकों को सम्मानित किया गया। पीएमश्री राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अध्यापकों (सर्वेक्षकों) का जिला स्तरीय सामान समारोह कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में मुख्यातिथि के रूप में जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकराल ने शिक्षकों को सम्मानित किया। साथ ही आगे भी इसी तरह से निरक्षरों को साक्षर बनाकर जीवन को नई दिशा देने के लिए प्रेरित किया।
जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकराल ने इस साक्षरता मिशन कार्यक्रम में सक्रिय रूप से भागीदारी करने वाले बीईओ, बीआरसी, सीआरसी, प्राचार्य एवं अध्यापकों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। उन्होंने कहा कि सभी अध्यापक ओर अधिक मेहनत करके जोश के साथ साक्षर बनाने का काम करें। मार्च 2026 में होने वाले परीक्षा के लिए 55000 हजार निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य पूरा करें।
जिला विज्ञान विशेषज्ञ दीपक वर्मा ने कहा कि यह हमारी सर्वेक्षकों की मेहनत का ही नतीजा है कि हमारा जिला पूरे हरियाणा में तीसरे स्थान पर हैं। प्राचार्य मंदीप शर्मा ने कहा कि नव भारत साक्षरता मिशन कार्यक्रम का लक्ष्य है किसी भी भाषा में समझ के साथ पढ़ लिख सकें। इस अवसर पर दलीप सिंह, प्राचार्य सुरेश सैनी, रामकुमार मेहला, मीनाक्षी चौधरी, सुधीर अहलावत और रामनिवास सोलंकी मौजूद रहे।
55 हजार निरक्षरों को बनाएंगे शिक्षित
कार्यक्रम के नोडल अधिकारी जिला उल्लास संयोजक अनिल सैनी ने अतिथियों को स्मृति चिन्ह देकर स्वागत किया। उन्होंने बताया कि मिशन के तहत जिले में सितंबर 2025 तक 37871 निरक्षक लोगों की पहचान करके 31027 लोगों को साक्षर बनाया गया। यह कार्य अध्यापकों और स्वयंसेवक शिक्षकों के माध्यम से किया गया। मार्च 2026 में होने वाली परीक्षा में जिले का लक्ष्य 55 हजार निरक्षर लोगों को साक्षर बनाने का रखा गया है।