इंद्री में गढ़ी बीरबल गांव के राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय में अध्यापक ने एक छात्र को बेरहमी से पीटा। छात्र के मसूड़ों व कानों पर भी गंभीर चोटें लगी हैं।
छात्र ने स्कूल से भागकर अपनी जान बचाई। इंद्री सामुदायिक केंद्र से प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने घायल छात्र को करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज रेफर किया है। छात्र के पिता देवी सिंह ने इंद्री पुलिस थाना में अध्यापक के खिलाफ शिकायत दर्ज करा दी है।
पुलिस मामले की जांच कर रही है। छात्र के पिता देवी सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया कि गढ़ी बीरबल के सरकारी स्कूल में उनका लड़का 11वीं में नॉन मेडिकल का छात्र है।
मार्च में रिजल्ट आया तो उनका बेटा कहीं बाहर गया था। अन्य बच्चों ने उनके बेटे को बताया कि वह फेल हो गया लेकिन जब बेटा स्कूल गया तो अध्यापक ने कहा कि वह फेल नहीं पास है।
उनका बेटा एक महीने स्कूल में 12वीं कक्षा में बैठता रहा। एक महीना कक्षा में बैठने के बाद अध्यापक ने लड़के को फेल बता दिया। जब इसका कारण पूछा तो उन्हें स्कूल की ओर से कुछ नहीं बताया गया।
इससे खफा होकर उसने स्कूल से आरटीआई के तहत जानकारी मांग ली। देवी सिंह का आरोप है कि उसी दिन से संबंधित अध्यापक उनके बेटे से द्वेष रखने लगे।
इसके पश्चात लड़के को टीचर ने बेरहमी से पीटा है। उनके बेटे ने स्कूल से भागकर जान बचाई। उन्होंने बताया कि जब वह खुद स्कूल में इस बारे में बात करने के लिए गए तो उस अध्यापक ने उनके साथ भी बदसलूकी की और जान से मारने की धमकी दी।
सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ड्यूटी पर तैनात डॉ. महेश ने बताया कि गढ़ी बीरबल का एक व्यक्ति उनके पास एक छात्र को लेकर आया था।
छात्र को कई जगह पर चोटें आई है। बच्चे के मसूड़ों व कान पर भी जख्म हैं। कान की चोट की जांच के लिए बच्चे को करनाल रेफर किया गया है।
स्कूल प्रिंसिपल विजेंद्र ने बताया कि अभी तक उनकी जानकारी में ऐसा मामला नहीं है। अगर स्कूल में इस तरह की कोई बात हुई है तो संबंधित प्राध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा।
बच्चे को कितनी चोट लगी है इस बारे में पता नहीं है और विभाग के उच्च अधिकारियों के निर्देशानुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी।