गांव पीर बड़ौली की राजकीय प्राथमिक पाठशाला में अध्यापकों की लेटलतीफी से परेशान ग्रामीणों ने मंगलवार को स्कूल पर ताला जड़ दिया। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचे खंड शिक्षाधिकारी और खंड मौलिक शिक्षाधिकारी को भी ग्रामीणों ने खरी खरी सुनाई। अधिकारियों ने ग्रामीणों को आरोपी अध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया।
मंगलवार को गांव पीर बड़ौली के राजकीय प्राथमिक पाठशाला में अध्यापकों के स्कूल टाइम पर न पहुंचने पर गुस्साये ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि विभाग की लापरवाही से अध्यापक आए दिन स्कूल में घंटों की देरी से पहुंचते हैं। ऐसे में इस स्कूल में पढ़ने वाले करीब 200 बच्चों की शिक्षा प्रभावित हो रही है। उन्होंने बताया कि पहले भी कई बार विभाग के अधिकारियों से इस संबंध शिकायत कर चुके हैं। लेकिन विभाग के अधिकारियों ने भी इस तरफ कोई ध्यान नहीं दिया है। मंगलवार को भी जब सुबह दस बजे तक अध्यापक स्कूल नहीं पहुंचे तो ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला जड़ दिया था। सूचना पाकर मौके पर पहुंचे खंड शिक्षा अधिकारी परमजीत चहल तथा खंड मौलिक शिक्षा अधिकारी महाबीर सिंह का भी लोगों ने घेराव कर लिया। उन्होंने ग्रामीणों को अध्यापकों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने का आश्वासन देकर शांत किया।
ग्रामीण रामनिवास, रामेश्वर, मीना, वीर सिंह, प्रकाश, प्रदीप, सुषमा, सुनील आदि ने बताया कि प्राइमरी स्कूल में अध्यापक व अध्यापिकाएं अपनी मर्जी से आते हैं और अपनी मर्जी से चले जाते हैं। कई अध्यापक तो ऐसे भी हैं, जो स्कूल में पहुंचते ही नहीं। उन्होंने बताया कि स्कूल में नौ अध्यापक हैं। लेकिन कभी आज तक स्कूल में पूरा स्टाफ एक साथ ड्यूटी पर देखने को नहीं मिला है।
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अधिकारियों ने अध्यापकों से मांगा स्पष्टीकरण
खंड शिक्षा अधिकारी परमजीत चहल ने बताया कि गांव पीर बड़ौली के राजकीय प्राथमिक स्कूल के अध्यापकों के स्कूल में देरी से आने के कारण ग्रामीणों ने स्कूल पर ताला लगाया था। जिसको लेकर अध्यापकों से स्पष्टीकरण मांगा जाएगा। अगर कोई संतोषजनक जवाब नही मिला तो कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इसके साथ ही स्कूल में सफाई और मिड-डे-मील के लिए एसएमसी कमेटी को प्रशिक्षण देकर उनके कार्यों के बारे में बताया जाएगा, ताकि स्कूल व्यवस्था को सुधारा जा सके।