एक अतिथि अध्यापक के मोबाइल पर आई कॉल के बाद क्षेत्र भर के अतिथि अध्यापकों ने दिल्ली की ओर दौड़ लगा दी है। देर शाम को कई अतिथि अध्यापक दिल्ली जाने के साधन ढूंढते नजर आए। प्रदेश भर के तमाम अतिथि अध्यापकों को बुधवार सुबह दिल्ली में जंतर मंतर पर जमा होने के निर्देश दिए गए हैं। पिछले 11 दिनों से आमरण अनशन पर बैठे अतिथि अध्यापकों की सरकार की ओर से कोई सुध न लिए जाने से अध्यापक नेताओं ने आगामी रणनीति तय करने के लिए अतिथि अध्यापकों की बुधवार को आपात सभा बुलाई है।
अतिथि अध्यापक कुलदीप सिंह झींझर ने बताया कि नियमित किए जाने की मांग पर ग्यारह दिनों से जंतर-मंतर पर आमरण अनशन चल रहा है। अतिथि अध्यापकों की सरकार ने आज तक कोई सुध नहीं ली है। ग्यारह दिनों से भूखे प्यासे अध्यापकों की हालत दिन-प्रतिदिन बिगड़ती जा रही है। कुलदीप सिंह ने बताया कि आमरण अनशन पर बैठे अध्यापक कुलदीप झरौली को मंगलवार को खून की उल्टी आने लगी है।
वहीं, हालत बिगड़ने पर अध्यापिका पुष्पा रानी को हरियाणा भवन की एंबुलेंस से राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। अध्यापकों के प्रति सरकार की बेरुखी को देखते हुए अतिथि अध्यापक संघ ने आपात सभा बुलाने का फैसला किया है। संघ की ओर से आई कॉल में पूरे हरियाणा के अतिथि अध्यापकों से अपील की गई है कि वे बुधवार को आपने सभी काम-धंधे छोड़कर दिल्ली में जंतर-मंतर पर पहुंचें। एक अन्य अतिथि अध्यापक सुरेश कुमार ने बताया कि जंतर-मंतर पर बुधवार को आयोजित की जाने वाली रैली में प्रदेश भर के हजारों अतिथि अध्यापक भाग लेंगे।