संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। टीबी फ्री वर्क प्लेस विषय पर सेंचुरी प्लाईवुड में उप-सिविल सर्जन एवं टीबी की नोडल अधिकारी डॉ. सिम्मी कपूर की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। जिसमें प्लाईवुड के अधिकारियों व कर्मचारियों को टीबी के बारे में जानकारी दी गई।
टीबी रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप सिंह ने बताया कि संस्थान में लगभग 1200 कर्मचारी कार्य करते हैं। टीबी एक संक्रामक रोग है, जो शरीर के किसी भी अंग में हो सकती है। मगर मुख्यत: यह फेफड़ों को प्रभावित करती है। यह संक्रमित व्यक्ति के खांसने, छींकने व थूकने से फैलती है। दो सप्ताह या इससे अधिक समय तक खांसी, बलगम और बुखार, बलगम या थूक के साथ खून आना, छाती में दर्द की शिकायत, भूख कम लगना, वजन में लगातार गिरावट। अगर किसी भी व्यक्ति में उक्त लक्षण पाए जाएं तो उसे तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र जाकर बलगम की मुफ्त जांच करवा लेनी चाहिए।
पीपीएम अधिकारी स्नेहा राणा व जिला कार्यक्रम अधिकारी कमल शर्मा ने बताया कि एक टीबी का मरीज अगर इलाज नहीं कराता है तो वह 15-20 लोगों को टीबी कर सकता है। उन्होंने बताया कि प्लाईवुड के सभी कर्मचारियों को छह माह में कम से कम एक से दो बार टीबी की जांच करवानी चाहिए क्योंकि डस्ट के कारण टीबी की बीमारी बढ़ती है। ऐसे में कार्य करते समय सभी कर्मचारी मास्क का उपयोग करे तो शरीर की प्रतिरोधक क्षमता में कमी नहीं आएगी। इस मौके पर प्लांट हेड अविनाश व एजीएम अजय शर्मा मौजूद रहे।