करनाल। जिले के कर्ण स्टेडियम में ताइक्वांडो खेल की शुरुआत करीब वर्ष 2020 में हुई थी। उस समय ताइक्वांडो के मात्र 20 से 25 खिलाड़ी थे और स्टेडियम में ताइक्वांडो खेल को लाने वाले भी कोच सुनील ही थे। वह पिछले छह साल से खिलाड़ियों को निरंतर अभ्यास करवा रहे हैं।
कोच सुनील ने बताया कि वह साल 2003 से ताइक्वांडो खेल में हिस्सा ले रहे थे। उन्होंने 2011 में काॅमन वेल्थ खेल में कांस्य पदक अपने नाम किया था। जब जिले में ताइक्वांडो का खेल आया तो खिलाड़ियों ने ज्यादा रुचि नहीं दिखाई। उस समय करीब 25 खिलाड़ी ही अभ्यास करते थे। अब 55 से अधिक खिलाड़ी यहां रोजाना अभ्यास कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि जब वह वर्ष 2020 में कोच नियुक्त हुए थे, तो स्टेडियम में सुविधाएं कम थी। हॉल न होने के कारण खिलाड़ियों को खुले में अभ्यास करना पड़ता था, जिससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। खेल विभाग की ओर से हॉल दिया भी गया लेकिन कुछ समय बाद वह तोड़ दिया गया। इसके बाद दूसरा हॉल दिया गया। अब स्टेडियम के सात से आठ खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश व जिले का नाम चमका रहे हैं।
अब तक राष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी गाैरव ने स्वर्ण पदक जीता और रमनदीप ने प्रतिभाग किया है। वहीं, खिलाड़ी साैरभ ने रजत व कांस्य पदक अपने नाम किया है। इनके अलावा जयनी , सुनीधी व सुकन्या ने प्रदेश स्तर रजत पदक अपने नाम किया है।