दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज का मामला सामने आने के बाद देशभर में तब्लीगी जमात चरचाओं में है। माना जा रहा है कि कोरोना संक्रमण में तब्लीगी जमात की लापरवाही अहम है। मामले में दिल्ली पुलिस को तब्लीगी जमात के प्रमुख मौलाना साद की तलाश है। ऐसे में अब इसका करनाल कनेक्शन उजागर हो रहा है। बताया जा रहा है कि दिल्ली से पहले 24 से 26 अक्टूबर तक घरौंडा खंड के यमुना से सटे गांव मुंडीगड़ी में भी जलसे का आयोजन किया गया था, जिसमें मौलाना साद सहित हजारों की संख्या में लोग शामिल हुए थे। इन दिनों आसपास के क्षेत्रों में जलसे को लेकर चरचा आम है।
मुंडीगड़ी के लोगों के अनुसार 24 से लेकर 26 अक्टूबर तक चले जलसे में हजारों की संख्या में जमाती जुटे थे। इसमें मरकज निजामुद्दीन मुख्यालय से मौलाना साद टूरिस्ट बस में मुंडीगढ़ी पहुंचे थे। उस बस में करीब 40 लोग सवार थे। इसके अलावा हरियाणा, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, आंध्रप्रदेश, उत्तराखंड सहित विभिन्न राज्यों से जलसे में जमाती पहुंचे थे। आयोजन के लिए दो महीने पहले रोडमैप तैयार किया गया था। गांव के समीप सैकड़ों एकड़ जमीन में यह आयोजन हुआ। बाजार, दुकानें, पेयजल, शौचालयों इत्यादि की व्यवस्थाएं भी की गईं थी, लेकिन इतने बड़े आयोजन को लेकर मीडिया से पूरी तरह दूरी बनाई गयी थी। मौखिक तौर पर इस आयोजन का खूब प्रचार हुआ था। जलसे में लोगों ने मौलाना साद को दूर से ही देखा और सुना था, लेकिन अब दिल्ली में निजामुद्दीन मरकज प्रकरण के बाद क्षेत्रवासियों में इसे लेकर चरचा आम है।