त्यौहारों का सीजन शुरू होने वाला है। स्वाद के शौकीनों को सावधान होने की आवश्यकता है। क्योंकि इस बात की प्रबल संभावना है कि जिले के बाजारों में मिलावटी खाद्य सामग्री की बिक्री हो सकती है। दूध और उससे बने उत्पाद जैसे घी, मक्खन, पनीर, खोया व विभिन्न प्रकार की मिठाइयाें के अलावा मसाले आदि खाद्य सामग्री में की जाने वाली मिलावट आपकी सेहत बिगाड़ सकती है। पिछले एक साल के आंकड़ों को देखें तो खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग द्वारा लिए गए खाद्य सामग्री के नमूनों में 20 नमूने फेल हुए हैं, वह अधोमानक एवं मिलावटी पाए गए हैं।
त्यौहारों के समय ज्यादा बिक्री को देखते हुए मिलावट खोर अधिक सक्रिय हो जाते हैं। लेकिन खाद्य सुरक्षा और औषधि प्रशासन महकमा सिर्फ त्यौहार नजदीक आते ही कुछ दिनों के लिए जागता है। फिर भी पिछले सालभर के अंदर करनाल में 11, पानीपत में 11, जींद में 10, हिसार में 20 सैंपल डेयरियों से लिए गए हैं, जो घी, दूध, मक्खन, पनीर, मावे के हैं। इसके अलावा कुछ सैंपल मसाले व चाय की पत्ती के भी हैं। जिले में तरावड़ी, इंद्री, करनाल, असंध, घरौड़ा आदि से लिए गए 20 सैंपल फेल हो गए हैं। जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी डा. संदीप कादियान ने बताया कि इन सभी 20 दुकानदारों, डेयरी संचालकों के खिलाफ कोर्ट में केस डाले गए हैं। इधर, इन केसों का मिलावट का कारोबार कर करोड़ों का मुनाफा कमाने वालों पर कोई फर्क नहीं पड़ता है। यह केस चलते रहते हैं या फिर कब खत्म हो जाते हैं किसी को पता नहीं चल पाता है। मिलावट का कारोबार बदस्तूर जारी रहता है।
सरकार ने मिलावट रोकने को गठित की संयुक्त टीम
-मिलावट का कारोबार रोकने को इस बार हरियाणा सरकार पहले की अपेक्षा सतर्क नजर आ रही है। पिछले दिनों स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज ने प्रदेश की दोनों खाद्य परीक्षण प्रयोगशालाओं को अपग्रेड करने के साथ राज्य स्तर पर संयुक्त आयुक्त (खाद्य) की अध्यक्षता में एक तीन सदस्यीय टीम का भी गठन किया है। यह टीम जिलों में मिलावटी खाद्य सामग्री रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियानों की निगरानी करेगी। समिति ने हाल में करनाल, पानीपत, जींद, अंबाला आदि में छापेमारी करके 46 नमूने लेकर 510 किलो घी भी जब्त किया है।
-अब जो सैंपल फेल हुए हैं, उनमें अधिकांशत: दूध में फैट की कमी मिलना, जो गाय व भैंस के दूध को मिलाने से भी हो सकती है। मिठाइयों में लो फैट, जो बेहतर स्टोरेज नहीं किए जाने से हो सकता है। घी की आरएम वैल्यू कम होना आदि पाया गया है। लेकिन अब सरकार ने मिठाइयों की समय सीमा तय कर दी है, सभी दुकानदारों को एक्सपायर डेट लिखनी होगी। जिससे पुरानी और बासी मिठाइयां नहीं बिक सकेगी। त्यौहारों पर लगातार चेकिंग करके सैंपलिंग की जाएगी। मिलावटी खाद्य सामग्री नहीं बिकने दी जाएगी। ऐसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी।
-डा. संदीप कादियान, जिला खाद्य सुरक्षा अधिकारी