संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। शहर की दीवान चंद काॅलोनी में बने भवन को होटल में तब्दील करने के बाद संदिग्ध गतिविधियों को लेकर स्थानीय निवासियों ने रोष जताया। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यहां हो रही गतिविधियों से न सिर्फ सामाजिक वातावरण खराब हो रहा है, बल्कि बच्चों और महिलाओं की सुरक्षा की चिंता बढ़ गई है। लोगों का आरोप है कि यह इलाका पूरी तरह रिहायशी है, इसके बावजूद यहां होटल खोल दिया गया। होटल में न सिर्फ बाहरी लोग ठहरते हैं, बल्कि छोटी उम्र की लड़कियों की भी आवाजाही देखी गई। काॅलोनी के लोगों ने एकजुट होकर थाना सिविल लाइन को शिकायत दी है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कॉलोनी निवासी ब्रिगेडियर रणधीर सिंह, महिला अनीता, महेंद्र सिंह, विकास गुलाटी, डॉ. गीता व अन्य ने बताया कि यहां पीजी की आड़ में होटल चलाया जा रहा है। जोकि एक अस्पताल के मालिक का है। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि यहां आने वाले अविवाहित जोड़े कम समय यानि कुछ घंटे के लिए रुकते हैं। उन्होंने बताया कि यहां आने वाली लड़कियां अक्सर पीछे किसी जगह उतरती हैं और फिर पैदल होटल तक पहुंचती हैं। कोई मुंह ढककर आती है, तो कोई गाड़ी में आती है, ताकि पहचान न हो सके।
कॉलोनी वासियों ने बताया कि होटल तीन माह पहले खुला है। जब स्थानीय लोगों ने डॉक्टर से बात की तो उन्होंने किसी कंपनी को किराए पर बिल्डिंग दिए जाने की बात कही। सिविल लाइन थाना प्रभारी रामलाल ने बताया कि पुलिस शिकायत के आधार पर जांच कर रही है। स्थानीय निवासी नेहा, सुमन, राजेश सहित अन्य का आरोप है कि होटल में अविवाहित जोड़े आते हैं और कई बार छात्राएं भी स्कूल ड्रेस में देखी गई हैं। लोगों का कहना है कि दूसरे राज्यों की गाड़ियां होटल के बाहर खड़ी रहती हैं। इनमें से उतरकर लोग नशे की हालत में होटल के बाहर खड़े रहते हैं।