संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। निजी अस्पतालों में आयुष्मान योजना के तहत छोटे ऑपरेशन बंद होने के बाद बढ़े दबाव को कम करने के लिए जिला नागरिक अस्पताल में सर्जरी वीक की शुरुआत 17 नवंबर को हो गई है। 22 नवंबर तक शाम की शिफ्ट में सर्जरियां होंगी।
विशेष अभियान में जिला नागरिक अस्पताल के साथ-साथ इंद्री, नीलोखेड़ी और कुंजपुरा के सरकारी अस्पतालों में भी ऑपरेशन किए जा रहे हैं। इसमें ऑपरेशन की बढ़ती संख्या के कारण स्वास्थ्य विभाग ने दिन के साथ-साथ शाम की शिफ्ट भी शुरू की हैं, ताकि ज्यादा से ज्यादा मरीजों को तत्काल राहत मिल सके।
हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. सौरभ के अनुसार पिछले तीन से चार दिनों में तीन बड़ी सर्जरियां की जा चुकी हैं। अगले सप्ताह 10 के करीब बड़े ऑपरेशन करने की उम्मीद है। अब ओटी में शाम और सुबह की शिफ्ट में 10 से 15 हड्डी की सर्जरियां हो रही हैं। ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. जयवर्धन ने बताया कि 25 से 30 के करीब एक दिन में सर्जरी हो रही हैं। सप्ताह में दो दिन अलग-अलग विभाग की सर्जरी होती हैं।
अस्पातल में मुख्यत: छह तरह की सर्जरियां एक साथ हो रही हैं। दूरबीन (लेप्रोस्कोपिक) सर्जरी, हड्डियों से संबंधित जटिल ऑपरेशन, आंखों की सर्जरी, महिला रोग (बच्चेदानी) की सर्जरी, हर्निया, अपेंडिक्स की सर्जरियां हो रही हैं। इन ऑपरेशनों को प्राथमिकता दी जा रही है क्योंकि मरीज लंबे समय से डेट का इंतजार नहीं कर सकते हैं।
अचानक बढ़ा हैं दबाव
आयुष्मान योजना और चिरायु हरियाणा के तहत हो रही सर्जरियों से पहले ही सरकारी अस्पतालों में भीड़ थी, लेकिन निजी अस्पतालों में ऑपरेशन बंद होने के बाद मरीजों का पूरा भार नागरिक अस्पतालों पर आ गया। इसे देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने प्रतिदिन बड़ी संख्या में गंभीर मरीज पहुंच रहे हैं, ऐसे में अतिरिक्त शिफ्ट शुरू किया।
उपमंडल अस्पतालों में भी सर्जरी
जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले मरीजों को अब नागरिक अस्पताल आने की जरूरत नहीं होगी। इंद्री, नीलोखेड़ी और कुंजपुरा के सरकारी अस्पतालों में भी सर्जरी शुरू कर दी गई है। इससे गंभीर मरीजों के लिए समय और पैसे दोनों की बचत होगी। सर्जरी वीक में कुल 250 गंभीर मरीजों का ऑपरेशन करने का लक्ष्य रखा गया है। स्वास्थ्य विभाग का कहना है कि जरूरत पड़ने पर ऑपरेशन की संख्या और बढ़ाई जा सकती है। नया ओटी तैयार किया जा रहा है जिससे मरीजों की बढ़ती संख्या से राहत मिलने की उम्मीद भी है।