अमर उजाला ब्यूरो
नई दिल्ली/करनाल। सुप्रीम कोर्ट ने करनाल के सेक्टर-9 में स्थित भाजपा कार्यालय को जीटी रोड से जोड़ने के लिए पेड़ काटकर बनाए गए रास्ते व इससे जुड़े विकास कार्य के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया है। साथ ही हरियाणा सरकार को भी नोटिस जारी किया गया है। याचिका में आरोप है कि अथॉरिटी की ओर से 40 से अधिक पेड़ों को काटकर आवासीय क्षेत्र में भारतीय जनता पार्टी के नवनिर्मित कार्यालय तक पहुंचने के लिए जीटी रोड से सटी हरित पट्टी से सड़क निर्माण किया गया।
जस्टिस जेबी पारदीवाला और जस्टिस केवी विश्वनाथन की पीठ ने उस क्षेत्र के नियोजित विकास के लिए जिम्मेदार हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) को भी नोटिस जारी किया और उसके मुख्य प्रशासक को पूरे रिकॉर्ड के साथ व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर यह स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया कि किन परिस्थितियों में विकास के नाम पर 40 से अधिक पेड़ काटे गए।
साथ ही पीठ ने कहा है कि वह यह भी जानना चाहती है कि हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण ने काटे गए पेड़ों का क्या किया। पीठ ने कहा है कि अगर आगे कोई और विकास कार्य किया जाता है तो वह इस मामले में सख्त रुख अपनाएगी। न्यायालय ने हरियाणा वन विभाग, करनाल नगर निगम और भाजपा को भी नोटिस जारी किया है।
मुख्यमंत्री रहते हुए मनोहर लाल ने किया था उद्घाटन
भाजपा का कार्यालय सेक्टर-9 में 2020 में बनना शुरू हुआ था। 1500 गज में बने इस कार्यालय का उद्घाटन 4 मई 2023 को मुख्यमंत्री रहते हुए वर्तमान में केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल ने किया था। इससे पहले भाजपा के पास जिले में अपना कोई स्थायी कार्यालय नहीं था। सेक्टर-14 के श्री कृष्णा मंदिर के हॉल एवं भवन में भाजपा का कार्यालय चलता था। अब तीन मंजिला भवन में कई सुविधाएं दी गई हैं। एक रास्ता सेक्टर-9 में अटल पार्क के सामने की गली से ही भाजपा कार्यालय को जाता है।
जिलाध्यक्ष बोले- मेरे संज्ञान में नहीं नोटिस
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रवीण लाठर का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट से नोटिस जारी हुआ है, अभी उन्हें इसकी कोई जानकारी नहीं है। भाजपा का कार्यालय बनाने को लेकर एक कमेटी गठित की गई थी, जिसमें कई पदाधिकारी शामिल थे। उनकी निगरानी में ही भवन का निर्माण हुआ है। रास्ते को लेकर यदि कोई मामला हुआ है तो उन्हें इसकी जानकारी नहीं है। यह उन्हें जिम्मेदारी मिलने से पहले का हो सकता है।