संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। भाई दूज के पर्व पर पूरा शहर जाम से जूझता रहा। सुबह 10 बजे से सड़कों पर जाम शुरू हुआ जो रात आठ बजे तक रहा। शहर के अंदर की सड़क से लेकर राजमार्ग तक वाहनों की कतार लगी रही। ऐसे में पांच से 10 मिनट तक का सफर तय करने में आधे घंटे से ज्यादा समय लगा। इधर, चौराहों पर खड़े पुलिस के जवान भी जाम खुलवाने में बेबस नजर आए।
स्थिति यह रही कि वीरवार सुबह छठ पर्व का आगाज होने के साथ ही कलशयात्रा निकाली गई। पश्चिमी बाईपास से कलशयात्रा सूर्य मंदिर पहुंची। इस दौरान यहां पर जाम की स्थिति बनी। यहां लगे जाम के बाद काछवा रोड, माल रोड, पश्चिमी बाइपास पर वाहनों की कतार लग गई। करीब एक घंटे में कलशयात्रा तो संपन्न हो गई लेकिन सुबह से बिगड़ी यातायात व्यवस्था का असर शाम तक रहा। काछवा नहर पुल से लगी वाहनों की कतार माल रोड से ढाई किमीटर दूर आंबेडकर चौक तक आ गई।
इधर, आंबेडकर चौक से बलड़ी बाईपास पर और बस अड्डा की तरफ भी वाहन जाम में फंसे दिखाई दिए। इसके अलावा बस अड्डा से डीएवी कॉलेज के रास्ते से माल रोड पर आने वाले वाहन भी जाम के कारण फंसे रहे। वहीं, पश्चिमी यमुना बाईपास की स्थिति देखें तो कैथल रोड पुल से लेकर नेशनल हाईवे-44 पर झिलमिल ढाबा तक वाहनों की कतार लगी रही। यहां जाम के कारण नेशनल हाईवे के वाहनों की रफ्तार भी थम गई। हाईवे पर हालात तो करीब एक घंटे बाद सामान्य हो गए लेकिन शहर की स्थिति में सुधार नहीं आया। पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, यातायात व्यवस्था बनाने में शहर में 19 जगह नाकांबदी रही, इसके अलावा 75 पुलिस के जवानों को ड्यूटी पर लगाया गया।
धूप से बच्चों को बचाते दिखे अभिभावक
जाम के कारण बहन के घर जाने वाले यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। वहीं सबसे ज्यादा परेशानी छाेटे बच्चों के साथ आए दो पहिया वाहन चालक माता-पिता को हुई, तपती गर्मी के बीच घंटों जाम में फंसे रहना उनके लिए मुसीबत बन गाया था। शहर के काछवा रोड, पश्चिमी यमुना नहर, कैथल रोड, कर्ण लेक, आईटीआई में जाम के कारण वाहनों की कतार लग गई। यातायात पुलिस को जाम खुलवाने के लिए कड़ी मशक्कत करनी पड़ी।
आधे घंटे से फंसा हुआ हूं
पश्चिमी यमुना नहर के किनारे कैथल रोड से बाइक पर तीन बच्चों संग आ रहे प्रदीप ने बताया कि वह अपने बहन के पास तिलक करवाने जा रहे हैंं लेकिन आधे घंटे से धूप में खड़े हैं, वाहन आगे चलने का नाम ही नही ले रहे हैं।
तिलक करवा कब वापस आऊंगा
ढांड से बाइक पर आए दीपक का कहना है कि उन्हें सहारनपुर बहन के पास तिलक करवाके वापस आना था, एक घंटे से यहीं जाम में फंसा हुआ हूं, कब वहां पहुंच पाएंगे और कब वापस आएंगे नहीं पता।