गांव बड़ौता के नजदीक पश्चिमी यमुना नहर में एक व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई, जबकि मृतक के भाई को लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया। घटना की सूचना मिलते ही मधुबन पुलिस मौके पर पहुंच गई। परिजनों ने मृतक का शव सड़क पर रखकर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने नहर पर घाट बनाने की मांग की। इसके बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम करा परिजनों को सौंप दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी दो बच्चों की मौत का दर्द अभी भरा नहीं था कि एक ओर जिंदगी लील गई।
सोमवार को बड़ौता निवासी नरेश व रमेश नहर की पटरी से भैंसों को लेकर खेत में जा रहे थे। नहर की पटरी एक आवारा सांड़ ने भैंस को टक्कर मार दी, जिससे भैंस नहर में गिर गई। भैंस को बचाने के लिए दोनों ने छलांग लगा दी, जिसमें 27 वर्षीय नरेश नहर में डूब गया और उसके भाई रमेश को ग्रामीणों ने बचा लिया। ग्रामीणों की मदद से भैंस को भी सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। ग्रामीणों ने घटना की सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। ग्रामीणों के साथ पुलिस ने नरेश की तलाश शुरू की। नहर में कुछ ही दूरी पर नरेश का शव बरामद कर लिया गया। पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेने का प्रयास किया तो ग्रामीणों को उठाने नहीं दिया। और सिंचाई विभाग के खिलाफ रोष जताते हुए नहर पर घाट बनाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि नहर पर घाट न होने की वजह से इस प्रकार की घटनाएं हो रही हैं। दो दिन पूर्व भी नहर में गांव के दो बच्चे डूब गए थे। ग्रामीणों के विरोध की सूचना मिलते ही सिंचाई विभाग के एक्सईएन राजेश चोपड़ा अधिकारियों व कर्मचारियों के साथ मौके पर पहुंचें और ग्रामीणों को तीन माह में घाट बनाने का आश्वासन दिया। जिसके बाद ग्रामीणों का गुस्सा शांत हुआ। पुलिस ने शव को अपने कब्जें में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
.........................
भैंस को निकालने के लिए ग्रामीणों को कई घंटे हुई परेशानी।
जिस भैंस को नहर से निकालने के लिए नरेश नहर में कुदा था उसे ग्रामीणों ने नहर से सुरक्षित निकाल लिया है। लेकिन इसके लिए करीब 50 लोगों को कई घंटे प्रयास करना पड़ा। क्योंकि नहर से निकलने के लिए कोई रास्ता नहीं था और न ही कोई घाट था। इस लिए ग्रामीणों का गुस्सा फुट गया और उन्होंने जाम लगा दिया था।
..........................
एक दिन पहले गांव के ही दो बच्चों की हुई थी नहर में डूबने से मौत
गांव बड़ौता में एक दिन पहले शनिवार दोपहर को गांव के बच्चे दीपांशु व देवराज की नहर में डूबने से मौत हो गई थी। ये दोनों गहरे दोस्त थे। अभी तक ग्रामीणों इन दोनों बच्चों की मौत के शोक में थे कि सुबह नरेश की नहर में डूबने से मौत हो गई।
नहर में डूबने से बड़ौता निवासी नरेश की मौत हो गई है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर वारिसों को सौंप दिया है। जांच जारी है।
-हरिकिशन शर्मा, जांच अधिकारी, थाना मधुबन