कैथल रोड शिव कॉलोनी स्थित सरस्वती पेट्रोल पंप को उड़ाने की नियत से दो बाइकों पर आए चार युवकों ने रविवार रात 12.55 बजे पेट्रोल पंप को आग लगा दी। यह आग एक बदमाश ने अपनी शर्ट पर पेट्रोल छिड़कर लगाई। पेट्रोल पंप की मशीन की नोजल में आग लगी देखकर लोगों ने इसकी सूचना पेट्रोल पर सो रहे कर्मचारियों को दी तो उन्होंने आनन-फानन में अग्नि शमन यंत्रों से आग पर काबू पाया। गनीमत रही कि पेट्रोल पंप पर ब्लास्ट नहीं हुआ। नहीं तो पेट्रोल पंप सहित आसपास का क्षेत्र भी ब्लास्ट की चपेट में आ जाता और बड़ा हादसा हो सकता था। पेट्रोप पंप मालिक का घर भी पेट्रोल पंप के पीछे है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और चार बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस इस मामले को रंजिश या साजिश के एंगल से देखकर जांच कर रही है।
14 मिनट का लाइव, ऐसे लगाई आग
कैथल पुल से उतरते ही शिव कॉलोनी में सड़क पर ही सरस्वती के नाम से इंडियन पेट्रोल पंप है। रात को 12 बजे चारों मशीनों को बंद कर तीन कर्मचारी प्रदीप, जसमेर व काला केबिन में जाकर सो गए। रात को 12.45 बजे नीली शर्ट पहने बाइक पर सवार होकर एक युवक आया। उसने करीब दो मिनट तक पेट्रोल पंप पर जांच की। कोई बाहर तो नहीं है। उसने केबिन में देखा तो कर्मचारी सो रहे थे। एक व्यक्ति ओर आया। जो टांग से दिव्यांग था। एक बाइक पर दो और युवक आए। वे वापस चले गए सड़क पर खड़े हो गए कि कोई आ तो नहीं रहा। इसके बाद रात को 15 मिनट बाद 12.55 बजे उस युवक ने अपनी शर्ट निकाली और अपनी बाइक से पेट्रोल में भीगो ली। आग लगाकर पेट्रोल मशीन की नोजल (जिससे वाहन में तेल डालते हैं) पर रख दी। नोजल और पाइप में आग लग गई लेकिन वह युवक वहां से नहीं गया। एक बार नोजल मशीन से नीचे गिर गई तो उस युवक ने दोबारा नोजल मशीन में अटका दी। इसके बाद रात के 12.59 बजे तक वह आरोपी वहीं रहा। फिर कुछ समय बाद वहां से राहगीर गुजर रहे थे तो उन्होंने नोजल में आग लगी देखी और उन्होंने तुरंत पेट्रोल पंप के केबिन में सो रहे कर्मचारियों को जगाया और उन्होंने फायर सिलेंडर से आग पर काबू पाया।
शुक्र मनाइये नहीं हुआ ब्लास्ट, दहल जाता करनाल
शुक्र मानिए पेट्रोल पंप पर ब्लास्ट नहीं हुआ। यदि ब्लास्ट हो जाता तो शिव कॉलोनी का पूरा क्षेत्र उसकी चपट में आ जाता और पूरा करनाल दहल जाता। पेट्रोल पंप के टैंक में हजारों लीटर पेट्रोल और डीजल था। शुक्र रहा कि मशीन की नोजल तक ही आग पहुंची और टैंक तक नहीं पहुंच सकी। अगर टैंक तक आग पहुंच जाती तो हादसा कितना बड़ा हो सकता था इसका सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है।
ये रही लापरवाही
केबिन में सोते रहे तीनों कर्मचारी, नहीं था सिक्योरिटी गार्ड
पेट्रोल पंप को रात के 12 बजे बंद करने के बाद तीनों कर्मचारी जसमेर, प्रदीप व काला केबिन में जाकर सो गए। चारों बदमाश 15 मिनट तक पेट्रोल पंप पर रहे और उन्होंने आग लगाने की वारदात को भी अंजाम दिया। कर्मचारी एक बार भी नहीं जागे। ऐसे में कर्मचारियों की बड़ी लापरवाही रही। पेट्रोल पंप के अंदर आने व जाने का रास्ता खुला रहता है। ऐसे में एक सिक्योरिटी गार्ड का होना बहुत जरूरी होता है। लेकिन इस पेट्रोल पंप पर कोई सिक्योरिटी गार्ड नहीं था। यह भी बड़ी लापरवाही रही।
कहां थी पीसीआर
इस वारदात से पुलिस की लापरवाही भी सामने आई है। पुलिस हर बार दावा करती है कि पुलिस पीसीआर और राइडर रात को गश्त करते हैं लेकिन इस वारदात से यह साफ हो गया है कि पुलिस की गश्त कहने को है। इन चारों बदमाशों ने आग लगाने की वारदात को 15 मिनट में अंजाम दिया। ऐसे में एक बार भी पुलिस वहां पर गश्त के दौरान नहीं आई।
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15-15 हजार लीटर था पंप पर डीजल व पेट्रोल
पेट्रोल पंप के मैनेजर गुलशन कुमार ने बताया कि रात को पेट्रोल पंप पर 15-15 हजार लीटर पेट्रोल और डीजल था। ऐसे में यदि पेट्रोल पंप पर ब्लास्ट होता तो पेट्रोल पंप के पीछे की रिहायशी क्षेत्र भी प्रभावित होते। कई लोगों की जान जा सकती थी। इस पेट्रोल पंप के पीछे पेट्रोल पंप के मालिक संजय गोयल का घर है।
पेट्रोल पंप में आग लगाना बहुत बड़ी वारदात है। इससे शहर में जान माल का बड़ा नुकसान हो सकता था। पेट्रोल पंप कमीशन पर चलता है। ऐसे में सरकार को चाहिए कि वह ऑयल कंपनियों को निर्देश दें कि सुरक्षा कर्मी के लिए पेट्रोल पंप मालिक को अलग से रुपये दे ताकि वे सुरक्षा कर्मी रख सकें। शमशेर सिंह गोगी, पेट्रोलियम डीजल वेलफेयर हरियाणा के प्रधान।
पेट्रोल पंप में आग लगाने के मामले में सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली है। इस मामले की जांच के लिए टीमों का गठन कर दिया है। मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। एक आरोपी का चेहरा पहचान में आ रहा है। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है कि आखिर बदमाशों ने ऐसा क्यों किया। - सुरेंद्र सिंह भौरिया, एसपी करनाल।