पिहोवा अनाज मंडी के आढ़ती मामचंद, उनकी पत्नी, दो बेटों, दो पुत्रवधुओं और तीन पोतियों सहित नौ लोगों को सामूहिक रूप से आत्महत्या के लिए विवश करने के मामले में अदालत ने पांच लोगों को दोषी मानते हुए पांच-पांच साल की कैद और 25-25 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है।
मामचंद ने सुसाइड नोट और घर की दीवार पर 20 लोगों के नाम लिखकर उन्हें आत्महत्या के लिए विवश करने का दोषी बताया था। क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान इनमें से 13 लोगों को निर्दोष और सात लोगों को आरोपी मानकर मामला दर्ज किया था। आरोपियों में से दो की मौत हो चुकी है।
अदालत ने शेष पांच आरोपी हरिसिंह, रामकुमार, पहल सिंह, प्रेम सिंह और ब्रह्म सिंह को दोषी पाया है। इन्हें पांच-पांच साल की सजा और 25-25 हजार रुपये का जुर्माना भी किया गया है।
गौरतलब है कि 16 मार्च 2008 को पिहोवा अनाज मंडी के आढ़ती मामचंद अपनी पत्नी निर्मला, पुत्र अमित (29)और उनकी पत्नी सीमा दूसरे पुत्र प्रदीप (32) और उनकी पत्नी बबली तथा तीन पोतियों में प्रदीप की पुत्र नैंसी (6) और वंशिका (3), अमित की पुत्री निशिका (3) सहित अचानक गायब हो गया था।
बाद में पता चला कि पूरा परिवार कार सहित भाखड़ा नहर में डूब गया, जिससे उन सभी की मौत हो गई। आढ़ती ने यह कदम लेनदेन के विवाद से परेशान होकर उठाया था।