माता-पिता की उम्मीदों पर खरा न उतरने और आठवीं कक्षा में फेल होने से तनाव में आए छात्र ने आत्महत्या कर ली। बुधवार को जिले के गांव भूसली में परिजनों द्वारा पढ़ाई का दबाव बनाने से आहत होकर आठवीं कक्षा के छात्र अंकुश (15) ने अपने घर में ही फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस जांच अधिकारी उमेश कुमार ने बताया कि परिजनों के पढ़ाई को लेकर दबाव बनाने के कारण छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। छात्र आठवीं कक्षा में फेल हो गया था, जो कि आगे पढ़ना नहीं चाहता था। जबकि माता-पिता को छात्र से काफी उम्मीदें थी। छात्र ने मानसिक तनाव के चलते सुसाइड कर लिया। हालांकि, कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। बता दें कि इससे दो माह पूर्व भी जिले के एक गांव की छात्रा ने भी जहरीला पदार्थ निगलकर आत्महत्या कर ली थी।
बच्चों पर न बनाएं दबाव : डा. सुरेश
मनोचिकित्सक सुरेश कुमार का कहना है कि पढ़ाई कर रहे बच्चों पर परिजनों को ज्यादा दबाव नहीं बनाना चाहिए। दबाव बनाने से बच्चे चिंता का शिकार हो जाते हैं और वे आत्महत्या जैसे कदम उठा लेते हैं। परिजनों को बच्चों की समय-समय पर निरंतर काउंसलिंग करवानी चाहिए, ताकि बच्चों की आंतरिक प्रतिभा के बारे में पता लगाया जा सके। छात्रों से ज्यादा इस मामले में माता-पिता को सचेत होने की आवश्यकता है।