कुरुक्षेत्र के पुरुषोत्तमपुरा बाग में सूफी संध्या में सूफी गायन और कत्थक नृत्य के फ्यूजन ने कुरुक्षेत्र उत्सव गीता जयंती समारोह में वीरवार की शाम को सूफियाना बना दिया।
कार्यक्रम में एक के बाद एक सूफी गाने पेश कर सूफी गायक डॉ ममता जोशी ने माहौल को पूरी तरह से सूफियाना कर दिया।
इस मौके पर उन्होंने छाप तिलक सब छिनी तोसे... गाने से कार्यक्रम की शुरुआत की। इसके बाद ममता ने ‘तेरे इश्क नचाया...’ ‘महबूब की सूरत सा कोई हसीन न देखा...’ ‘नस-नस में समाया ईक प्यार मुरशद का...’ ‘अख बेकद्रां नाल लाई, लुक लुक रोणा पै गया के जरिये फिजा में सूफी संगीत की महक बिखेरी।
इसके बाद उन्होंने वारिस शाह की कलाम ‘वारिस शाह ना आदतां जादियां ने भावें करिये पोरियां -पोरियां नी...’ पेश की। इसके बाद भी उन्होंने एक के बाद कई गाने गाए।
इससे पहले तालब खां ने परवरदिगार को सजदा करते हुए अपने कलाम के माध्यम से मौला को याद किया। उन्होंने ‘मौला मेरे मौला...’ ‘दुनिया बड़ी बावरी...’ और सिलसिले बार प्रस्तुतियों में ‘दमा दम मस्त कलंदर... पेश दर्शक दीर्घा से खूब तालियां बटोरीं। जोशी के साथ राजस्थानी लोक गीतकार तालबखां ने इस दौरान प्रस्तुति दी। इससे पहले, सांसद नवीन जिंदल ने इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया।
कार्यक्रम से पहले वह राज्यस्तरीय प्रदर्शनी का अवलोकन करने पहुंचे। इस दौरान उन्होंने रंगोली और चित्रकारों की चित्रकारी को अपने केमरे में कैद किया। वहीं, इस मौके पर अंबाला मंडल की आयुक्त नीलम प्रदीप कासनी व उपायुक्त निखिल गजराज ने सांसद नवीन जिंदल को प्रतीक चिन्ह और शाल भेंट की।
जबकि सांसद नवीन जिंदल ने डा. ममता जोशी और तालब खां को भी स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। इस मौके पर अतिरिक्त उपायुक्त डा. यश गर्ग, एसडीएम अशोक बांसल, कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जयभगवान शर्मा डीडी, मेवा सिंह, विपिन शर्मा, राजेश वनवाला, विनोद गर्ग, हरिओम अग्रवाल, बब्बू और अन्य लोग मौजूद रहे।