पंचायत भवन में हुई कष्ट निवारण समिति की बैठक में भी जिले में चल रहे अवैध खनन को मुद्दा गरमाया रहा। उपायुक्त के आदेशानुसार कोई भी खनन नहीं कर सकता। परंतु समिति की पिछली कई बैठकों में स्टौंडी गांव में किए अवैध खनन का मामला अभी सुलझा नहीं है। जबकि जिले में कई जगह अवैध रूप से खनन का खेल चल रहा है। बुधवार को समिति की बैठक में सुबे सिंह वासी स्टौंडी ने शिकायत दी कि उनके गांव में कई व्यक्ति अवैध खनन कर रहे हैं। वह विभाग को इसकी कई बार शिकायत भी दे चुका है, परंतु इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की। इस बारे में विभाग की अधिकारी ने कहा कि उन्होंने इस मामले में एफआईआर दर्ज करवाई है।
कष्ट निवारण समिति की बैठक में दी शिकायत में सुबे सिंह वासी गांव स्टौंडी ने बताया कि धर्मपाल और शीशपाल अपने खेत से अवैध रूप से तीन एकड़ जमीन में से दस फुट गहराई तक मिट्टी उठाई हुई है। उसने एक माह पहले खनन विभाग के अधिकारियों को शिकायत भी दी थी। अधिकारियों ने मौके का दौरा भी किया, परंतु इस पर कोई भी कार्रवाई नहीं की गई। सुबे सिंह ने आरोप लगाया कि माइनिंग विभाग के कर्मचारियों ने आरोपियों से पैसे लेकर सेटिंग करके मामले को दबा दिया है। इसके बारे में जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए माधवी गुप्ता ने कहा कि उनकी टीम ने मौके का निरीक्षण किया था। वहां से 6-6 फुट मिट्टी उठाई गई है। इस पर दोनों आरोपियों के खिलाफ सदर थाना में शिकायत दी थी। पुलिस ने दोनों के खिलाफ दिसंबर माह में मामला दर्ज कर लिया है। इस केस में अब पुलिस विभाग जांच कर रहा है।
अधिकारियों में हड़कंप, नहर के पास से खनन बंद
करनाल। इंद्री में सरकारी रेस्ट हाउस बनाने में नहर के पास से खनन करने के मामले का खुलासा होने के बाद सिंचाई विभाग के अधिकारियों में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है। समाचार प्रकाशित होने के बाद विभाग की ओर से पश्चिमी यमुना नहर पर से खुदाई बंद करा दी गई है। उधर, मामले को लेकर मिट्टी किसी दूसरे स्थानों पर भी जाने की आशंका जताई जा रही है। बता दें कि 22 फरवरी के अंक में अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया था। तस्वीरों के साथ पूरे मामले में बताया गया था किस प्रकार से जिले में जिलाधीश के आदेशों के खनन बंद के बाद भी सरेआम नहर के पास से खुदाई की जा रही है। गौरतलब है कि जिले में खनन बंद है और नहरों के पास धारा 144 लगाई गई है, लेकिन विभाग के अधिकारियों द्वारा जेसीबी लगाकर डंपरों से मिट्टी उठाई जा रही है।