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निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ डिप्टी डीईओ को सौंपा ज्ञापन

Wed, 22 Feb 2017 11:46 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, करनाल
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निजी स्कूलों की मनमानी के खिलाफ डिप्टी डीईओ को सौंपा ज्ञापन - फोटो : Amar Ujala
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सिटीजंस ग्रीवेंसीज कमेटी की शिक्षा सुधार उप समिति ने बुधवार को उप जिला शिक्षा अधिकारी को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में निजी स्कूलों की मनमानी और फीस वृद्धि पर रोक लगाने, बच्चों के बस्तों का बोझ कम करने, राजकीय प्राथमिक पाठशाला बालू में बिजली की सप्लाई चालू करवाने तथा प्राइवेट स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लगवाने की मांग की गई।
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ज्ञापन में कहा गया कि प्राइवेट स्कूल मनमानी कर हर वर्ष स्कूल की फीसें बढ़ा देते हैं। फीस वृद्धि से पहले निजी स्कूलों को फार्म छह भर कर देना होता है। न्यायालय के आदेशों के बावजूद जिले के कई स्कूल यह फार्म नहीं भर रहे। निजी स्कूल मोटा मुनाफा कमा रहे हैं, इसलिए इस वर्ष फीस में वृद्धि करने की अनुमति नहीं मिलनी चाहिए। संजय बतरा और रजनीश चोपड़ा ने कहा कि देखने में आ रहा है कि जो स्कूल मुनाफे में चल रहे हैं वह भी अपनी फीस बढ़ा देते हैं।

उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन, प्रशासन और अभिभावकों को मिलकर इन समस्याओं का हल निकालना होगा। शिक्षा सुधार उप समिति के अध्यक्ष डीएन अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड नई दिल्ली के पत्र अनुसार स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बैग का बोझ कम किया जाना चाहिए। बैग का बोझ अधिक होने से बच्चों को नुकसान पहुंचता है। सीजीसी सदस्यों ने राजकीय प्राथमिक पाठशाला बालू में बिजली की सप्लाई चालू करने की मांग भी की। पिछले 10 वर्षों से इस स्कूल का बिजली कनेक्शन कटा हुआ है। इसके अलावा निजी स्कूलों में एनसीईआरटी की किताबें लगवाए जाने की मांग की।
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निजी प्रकाशकों की पुस्तकें एनसीईआरटी की किताबों से दो से पांच गुणा तक महंगी हैं। इस अवसर पर सचिव दर्शन खांडपुर, उपप्रधान सीडी पसरीचा, संयुक्त सचिव संजय बत्तरा, भावना अरोड़ा, एसडी अरोड़ा, नवीन अग्रवाल, आरके चौधरी और को-ऑर्डिनेटर रजनीश चोपड़ा मौजूद रहे।
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