मुख्य संसदीय सचिव बख्शीश सिंह विर्कने कहा कि सरकार को विरासत में लचर व भ्रष्टाचार युक्त व्यवस्था मिली थी। इसे दुरुस्त करके आमजन को पारदर्शी सुशासन व कानून व्यवस्था मुहैया करवाई जा रही है। सीपीएस असंध में 1 करोड़ 38 लाख रुपये से नवनिर्मित थाना भवन के उद्घाटन अवसर पर बतौर मुख्यातिथि बोल रहे थे। इस मौके पर आईजी हनीफ कुरैशी व एसपी पंकज नैन ने विशिष्ट अतिथि के रूप में शिरकत की।
प्रदेश सरकार द्वारा महिलाओं को और अधिक सुरक्षामय माहौल देने के उद्देश्य से पिछले रक्षाबंधन पर 21 जिलों में महिला थानों की स्थापना की गई थी और अब आने वाले रक्षाबंधन पर 39 उपमंडलों पर भी महिला थाने बनाए जाएंगे। महिला थानों में सभी अधिकारी महिला होती है, जिनके आगे महिलाएं अपनी समस्याएं खुलकर रख सकती है। उन्होंने उपस्थित नवनिर्वाचित जनप्रतिनिधियों व आमजन से आह्वान किया कि हम सभी को अपराध को रोकने में पुलिस प्रशासन की मदद करनी चाहिए।
इस अवसर पर प्रशिक्षणाधीन आईपीएस अधिकारी गितिका गहलोत, हरियाणा पुलिस हाउसिंग कॉरपोरेशन के अधीक्षण अभियंता संजीव अरोड़ा, उपपुलिस अधीक्षक बलजिन्द्र सिंह व राजेश कुमार, एडीए सुरेंद्र कुमार, थाना प्रभारी हरविन्द्र सिंह, एक्सईएन संजीव वर्मा, असंध मंडल अध्यक्ष सुखदेव सर्राफ, बृज लाल टक्कर, डॉ. बूटी राम आदि मौजूद थे।
कर्मचारियों की मिलीभगत से हो रही पशु तस्करी : आईजी
करनाल रेंज के पुलिस महानिरीक्षक हनीफ कुरैशी ने कहा कि पशु तस्करी को रोकने के लिए जिन कर्मचारियों की तैनाती नाकों पर की गई है, उन कर्मचारियों द्वारा अवैध वसूली की शिकायतें आ रही हैं। कुछ कर्मचारी पुलिस के अलावा भी इस धंधे में लिप्त हैं। सभी शिकायतों की जांच कराई जा रही है, भ्रष्ट कर्मचारी और अधिकारी को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।
आईजी कुरैशी बुधवार को असंध थाने के उद्घाटन से पहले पत्रकार वार्ता कर रहे थे। आईजी ने करनाल रेंज में बढ़ रही गौ तस्करी में स्वीकार किया कि कुछ अधिकारी, कर्मचारी इसमें पैसा लेकर पुलिस को बदनाम कर रहे हैं, वहीं समय-समय पर भ्रष्टाचार फैला रहे कर्मियों को पकड़ने का काम भी किया जाता है। उन्होंने कहा कि कुछ कर्मचारियों की इसमें जरूर मिलीभगत हो सकती है। उन्होंने महिला पुलिस थानों के प्रश्न पर कहा कि अभी महिला थानों में कर्मचारियों की भारी कमी है, पुलिस भर्ती होने के बाद इस कमी को पूरा किया जा सकेगा।