करनाल/मूनक। गांव के सरकारी स्कूल से 12वीं तक की पढ़ाई करने वाले लवकेश ने यूपीएससी की परीक्षा पास की है। यहां तक कि आर्थिक तंगी आने पर उन्होंने ट्यूशन पढ़ाकर पढ़ाई की। वह गांव में ही किराने की दुकान चलाने वाले पिता राजेश की मदद करते थे।
तीन बार असफलता के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और चौथे प्रयास में 488वीं रैंक के साथ अपने सपने को पूरा किया। लवकेश ने घर के छोटे से कमरे में रहकर पढ़ाई की, दीवारों पर नोट्स और नक्शे चिपकाकर तैयारी की थी।
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लवकेश का कहना है कि परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों, हौसले मजबूत हों तो मंजिल जरूर मिलती है। वे वर्ष 2022 से यूपीएससी की तैयारी कर रहे थे। पहले तीन प्रयासों में वह प्रारंभिक परीक्षा भी पास नहीं कर पाए थे। इस बार उन्होंने न केवल प्रीलिम्स और मुख्य परीक्षा पास की और फिर पहले ही इंटरव्यू में सफलता हासिल की। पिता राजेश, मां नीरज गुप्ता, दादा ओमप्रकाश व दादी रामकली और उनकी दोनों बहनें काफी उत्साहित हैं। परिणाम घोषित होने के बाद गांव के सरपंच ओम प्रकाश ने उन्हें 1100 रुपये की माला पहनाकर सम्मानित किया। लवकेश बचपन से पढ़ाई में अव्वल रहे हैं। दसवीं से लेकर स्नातक (बीए) तक उन्होंने हर कक्षा में टॉप किया। पढ़ाई में उत्कृष्ट प्रदर्शन के चलते उन्हें स्कूल और कॉलेज स्तर पर कई बार सम्मानित भी किया गया।
लवकेश ने 10वीं और 12वीं की पढ़ाई गांव के सरकारी स्कूल से ही की। इसके बाद उन्होंने असंध के बाबा फतेह सिंह कॉलेज से बीए की, जिसमें उन्होंने कॉलेज स्तर पर टॉप किया। 10वीं में जहां उन्होंने 90 प्रतिशत अंक हासिल कर गांव में टॉप किया, वहीं 12वीं में 96 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में टॉप किया। इस उपलब्धि पर अमर उजाला की ओर से 2018 में आयोजित मेधावी छात्र सम्मान समारोह में सम्मानित किया गया।