- परीक्षा के आधार पर प्रशिक्षण के लिए सरकारी स्कूलों के 187 विद्यार्थी चयनित
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। अब कर्ण नगरी के विद्यार्थी अंतरराष्ट्रीय गणित ओलिंपियाड के लिए तैयार होंगे। प्रदेश सरकार की ओर से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए इस तरह की व्यवस्था की जा रही है। इस व्यवस्था के साथ करनाल प्रदेश का पहला ऐसा जिला होगा, जहां के सरकारी स्कूल के बच्चों को इस तरह के ओलिंपियाड के लिए बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
जिले में ओलिंपियाड के लिए परीक्षा के आधार पर सरकारी स्कूलों के 187 विद्यार्थियों का चयन किया जा चुका है। इन विद्यार्थियों और इनके अभिभावकों के लिए वीरवार को डॉ. मंगलसेन सभागार में ओरिएंटेशन कार्यक्रम का आयोजन हुआ। जिसमें मुख्यातिथि के रूप में एडीसी यश जालुका पहुंचे। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला शिक्षा अधिकारी सुदेश ठुकराल और डीपीसी ज्योत्सना मिश्रा ने की।
जिला गणित विशेषज्ञ छत्रपाल ने कार्यक्रम की रूप रेखा बताई और सभी 25 शिक्षकों का परिचय करवाया। पीपीटी प्रेजेंटेशन द्वारा पूरे कार्यक्रम का ब्योरा प्रस्तुत किया गया। एडीसी ने गणितज्ञ श्रीनिवास रामानुजन की जीवनी बताते हुए पीपीटी के माध्यम से ओलंपियाड के सभी चरणों का चरण पत्र रूप से विवरण प्रस्तुत किया और अभिभावकों से अपील की कि है पूरे राज्य में पहले ऐसा कार्यक्रम है जो सरकारी स्कूल के विद्यार्थियों के लिए सरकार के प्रयास से किया जा रहा है। साथ ही यह भी अपेक्षा की कि हमारे सरकारी शिक्षक इस कार्यक्रम को सफल बना देते हैं तो हम आगे फिजिक्स, केमिस्ट्री या अन्य विषयों के ओलिंपियाड में भी प्रशिक्षण का प्रावधान करेंगे।
पुस्तकों की व्यवस्था, अन्य सुविधाएं भी देंगे
अतिरिक्त उपायुक्त ने बताया कि सभी छह खंडों में ओलिंपियाड की पुस्तकों की व्यवस्था की है। अन्य जो भी सुविधाओं की आवश्यकता होंगी, वह प्रशासन उपलब्ध करवाएगा। अभिभावकों और विद्यार्थियों से केवल अपील की कि आप पूरी तालीनता से श्रीनिवास रामानुजन ने बिना किसी पुस्तक के होते हुए भी गणित ज्ञान को बढ़ाया और उन्होंने पूरे विश्व में अपना व देश का नाम रोशन किया है, उसी प्रकार आप भी तालीनता से आगे बढ़ें और आपका पूर्ण सहयोग जिला प्रशासन करेगा और अपने सरकारी स्कूल सरकारी संस्थाओं और जिला प्रशासन का नाम रोशन करें। सभी शिक्षकों से विशेष बैठक की और समूह में से सात शिक्षकों को चंडीगढ़ यूनिवर्सिटी में चार दिवसीय प्रशिक्षण के लिए भेजने के आदेश पारित किए। यह शिक्षक वहां से अपना ज्ञानवर्धन करके बाकी शिक्षकों को प्रशिक्षण देंगे।