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Karnal News: स्कूल नहीं आने वाले विद्यार्थियों को भी मिलेगा मिड-डे मील, 600 चयनित

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। स्कूल न आने वाले बच्चे पोषण से दूर न रहे, इसके लिए पढ़ाई से वंचित बच्चों को भी छह माह तक मिड-डे-मील दिया जाएगा। इसका उद्देश्य स्कूल न आने वाले अर्थात आउट ऑफ स्कूल बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा में लेकर आना है। इसके अलावा उन्हें स्कूली बच्चों की तरह पोषण भी देना है। राज्य शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से पत्र जारी कर ऐसे बच्चों को मिड-डे-मील देने के आदेश दिए हैं। जिले में 600 के करीब ऐसे बच्चों को चयनित किया जा चुका है।

शिक्षा परियोजना परिषद की ओर से समग्र शिक्षा अभियान के तहत विभिन्न कार्यक्रम करवाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में स्कूल न आने वाले बच्चों को भी मिडे-डे-मील दिया जाएगा। यह वे बच्चे हैं, जो स्कूल नहीं जाते हैं अथवा दस्तावेजों व अन्य औपचारिकताएं पूरी न होने के कारण इनका नाम पोर्टल पर नहीं चढ़ पाया है। इन बच्चों का सीधे तौर पर दाखिला नहीं हो पाया है। वहीं, ऐसे बच्चे जिनका दाखिला हो गया और वे स्कूल नहीं आ पा रहे हैं। विभाग की ओर से इन्हें आउट ऑफ स्कूल बच्चे माना है। विभाग की ओर से इन बच्चों को छह महीने के लिए मिड-डे-मील दिया जाएगा। जिले में यह कार्यक्रम 15 मार्च तक चलाया जाएगा। वहीं, बच्चों को शिक्षा का मूल महत्व व अक्षर ज्ञान भी दिया जाएगा, ताकि उन्हें आधारभूत अक्षर व शब्दों की जानकारी हो। इसके बाद इन बच्चों को स्कूल में दाखिला कर मुख्य धारा में लाया जाएगा।
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80 हजार विद्यार्थियों को मिल रहा भोजन

जिले में कुल 779 राजकीय विद्यालय हैं। इन्हीं में शिक्षा विभाग की ओर से बाल वाटिका भी चलाई जा रही है। इन विद्यालयों के 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को योजना में शामिल किया गया है। जिले की बाल वाटिकाओं में करीब पांच हजार बच्चे हैं। इन सभी को मिड डे मिल दिया जा रहा है। सोमवार से इन्हें नए मेन्यू के तहत नए व्यंजन भी परोसे जाएंगे।
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आउट ऑफ स्कूल बच्चों को मिड-डे-मील उपलब्ध करवाया जाएगा। इसके लिए ऐसे बच्चों की तलाश की जा रही है। अभी तक 600 बच्चे चयनित किए हैं। चयनित बच्चों को छह माह का ब्रिज कोर्स करवा कर शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़ा जाएगा। योजना के तहत छह महीने बच्चों को मील दिया जाना है। - ज्योत्सना मिश्रा, जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा
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