मूनक। राजकीय कन्या महाविद्यालय पाढ़ा में शुक्रवार को भारतीय संविधान की प्रस्तावना विषय पर छात्राओं को शपथ दिला संविधान की प्रस्तावना पढ़वाई गई। प्राचार्य चमन लाल ने छात्राओं को बताया कि कि हमारे देश के राष्ट्रगान के रचियता रवींद्र नाथ टैगोर ने इसे 24 जनवरी 1950 को संविधान सभा को सौंपा था।
इस कार्यक्रम को मनाने का प्रमुख उद्देश्य है कि देश की भावी व युवा पीढ़ी की अपने देश के संविधान के प्रति अपनी आस्था मजबूत हो। इसके अलावा महाविद्यालय में छात्राओं को सूर्य-नमस्कार भी करवाया गया और बड़ी मात्रा में छात्राओं का हर घर परिवार-सूर्यनमस्कार के तहत पोर्टल पर पंजीकरण करवाया गया। कार्यक्रम के संयोजक डॉ. विजय मेहरा ने संविधान बनने के ऐतिहासिक महत्त्व पर प्रकाश डाला और छात्राओं को बाबा साहब भीमराव अंबेडकर जी के विचारों से अवगत कराया। इस अवसर पर सुमन रानी, डॉ. कर्मजीत कौर, जितेंद्र, डॉ. विजय, मीनाक्षी, प्रीति और कॉलेज का अन्य स्टाफ भी मौजूद रहा।
ये पढाई प्रस्तावना:
हम भारत के लोग, भारत को एक संपूर्ण प्रभुत्व संपन्न, समाजवादी, पंथनिरपेक्ष, लोकतंत्रात्मक गणराज्य बनाने और उसके समस्त नागरिकों को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक न्याय, विचार, अभिव्यक्ति, विश्वास, धर्म और उपासना की स्वतंत्रता, प्रतिष्ठा और अवसर की समता प्राप्त कराने के लिए उन सब में, व्यक्ति की गरिमा, राष्ट्र की एकता और अखंडता सुनिश्चित कराने वाली, बंधुता बढ़ाने के लिए, दृढ़ संकल्पित होकर अपनी संविधान सभा में आज 26 नवंबर 1949 को एतद्द्वारा इस संविधान को अंगीकृत, अधिनियमित और आत्मार्पित करते हैं।