संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 के तहत अब जिले के सीबीएसई स्कूलों में पढ़ने वाले छात्र आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस(एआई) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग(सीटी) की पढ़ाई करेंगे। सीबीएसई शैक्षणिक सत्र 2026-27 से कक्षा तीसरी से आठवीं तक इन दोनों विषयों को लागू करने का निर्णय लिया है। इस संबंध में सभी स्कूल प्रमुखों को नया पाठ्यक्रम लागू करने के लिए दिशा-निर्देश जारी कर दिए गए है।
सहोदय स्कूल कॉम्प्लेक्स के अध्यक्ष डॉ. राजन लांबा ने बताया कि तेजी से बदलती तकनीक के दौर में एआई केवल एक विषय नहीं, बल्कि भविष्य की आवश्यकता बन चुका है। पाठ्यक्रम छात्रों को डिजिटल साक्षरता, तकनीक के नैतिक उपयोग और नवाचार की समझ प्रदान करेगा। इस पहल के तहत बच्चों को एआई के व्यावहारिक उपयोग से भी जोड़ा जाएगा, ताकि वे दैनिक जीवन में इसके महत्व को समझ सकें। साथ ही उनमें आलोचनात्मक सोच, निर्णय लेने की क्षमता और नई संभावनाओं की पहचान करने का कौशल विकसित किया जाएगा। शिक्षा विशेषज्ञों के अनुसार यह बदलाव छात्रों को भविष्य के डिजिटल नागरिक के रूप में तैयार करने में अहम भूमिका निभाएगा।
- करीब 70 हजार बच्चों को मिलेगा लाभ
जिले में करीब 160 सीबीएसई स्कूल संचालित हैं, जिनमें पहली से आठवीं कक्षा में पढ़ने वाले करीब 65-70 हजार विद्यार्थियों को नई व्यवस्था लागू होने से शुरुआती स्तर से ही तकनीकी समझ और डिजिटल कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा। शिक्षा विभाग के अनुसार यह कदम छात्रों को भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।