मंडी में शेड के नीचे रखा गेहूं। संवाद
पानीपत। जिले में बारिश के अगले दिन ही मंडियों में आवक तेज हो गई। जिले की तीन मंडियों में 1367.7 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। दो एजेंसियाें ने इसमें से 665 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। मंडियों में 89 गेटपास काटे गए। किसानों ने गेटपास और बायोमीट्रिक की लंबी प्रक्रिया के बाद गेहूं की खरीद नहीं होने पर रोष बढ़ता जा रहा है। किसानों ने खरीद प्रणाली को गलत बताया है।
किसान शनिवार सुबह से ही मंडियों में गेहूं लेकर आने लगे। बाबरपुर मंडी में 270.2, इसराना में 345.25 और पानीपत की मंडी में 752.3 मीट्रिक टन गेहूं की आवक हुई। हैफेड ने 491 और एचडब्ल्यूसी ने 174 मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की। एजेंसियों ने अब तक गेहूं का उठान शुरू नहीं किया है। खरीद सुस्त और उठान न होने पर मंडियों में गेहूं जमा होने लगा है। आढ़ती एसोसिएशन के जिला प्रधान धर्मबीर मलिक ने बताया कि मंडियों में किसानों व आढ़तियों की अनदेखी की जा रही है। इससे मंडी में गेहूं खरीद में अव्यवस्था पैदा हो रही है। वहीं मौसम के बदलाव से भी किसानों को परेशानी हो रही है। बारिश के कारण गेहूं के भीगने से नमी हो गई, जिससे किसानों को फसल का सही दाम नहीं मिल पा रहा है।
किसान बोले- मंडी में बिगड़ रही व्यवस्था
बुड़शाम गांव के किसान सुखबीर ने बताया कि मंडी में पर्याप्त बारदाना नहीं है। इसके चलते गेहूं खरीद को जानबुझकर लटकाया जा रहा है। गेहूं में नमी बताकर खरीद नहीं की जा रही है। प्रशासन और सरकार को मौसम को देखते हुए गेहूं की खरीद तेज करने की जरूरत है। उझा गांव के रामकिशन ने बताया कि गेहूं में नमी बताकर खरीद नहीं की जा रही है। इससे किसानों की परेशानी बढ़ रही है।
अनाज मंडी में किसानों के लिए हर संभव व्यवस्था की गई हैं। गेटपास और बायोमीट्रिक के लिए परेशान नहीं होने दिया जा रहा है। गेहूं में अभी नमी है। मौसम शुष्क होने पर खरीद तेज की जाएगी।
- अवतार शास्त्री, चेयरमैन, मार्केट कमेटी, पानीपत।
मंडी में शेड के नीचे रखा गेहूं। संवाद