माई सिटी रिपोर्टर
पानीपत। कृषि विभाग ने पराली प्रोटेक्शन फोर्स का गठन किया है। यह फोर्स किसानों की पराली प्रबंधन में आ रही परेशानियों पर नजर रखेगी। उनकी समस्याओं का प्रमुखता से समाधान कराएगी। इसके साथ धान के अवशेष जलाने के मामलों पर भी नजर रखेगी।
धान के सीजन में कृषि ने किसानों को धान की पराली के प्रबंधन के बारे में जागरूकता तेज कर दी है। विभाग की टीम गांवों व खेतों में जाकर किसानों को जागरूक कर रही हैं। कृषि विभाग की टीम सोमवार को सिवाह, अहर और नौल्था गांव में पहुंची। विभाग के उप कृषि निदेशक डॉ. आत्मा राम गोदारा ने कहा कि पराली प्रबंधन जरूरी है। किसान इससे अतिरिक्त आमदनी करने के साथ पर्यावरण प्रदूषण के नुकसान को कम कर सकते हैं। विभाग की टीम गांवों में जागरूक कार्यक्रम किए जा रहे हैं। इनमें किसानों को होने वाले नुकसान के बारे में विस्तार से बताया गया। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग ने पराली प्रोटेक्शन फोर्स का गठन किया है। यह जो यह सुनिश्चित करेगी कि किसानों को पराली के प्रबंधन में किसी भी प्रकार की कठिनाई न आए।
किसानों से अपील की है कि वे पराली को आग के हवाले न करें। इसे आय के साधन के रूप में प्रयोग करें। पराली को पशुचारे के रूप में इस्तेमाल किया जा सकता है। बायो पैलेट बनाकर उद्योगों में बेचा जा सकता है। इसके साथ खेत में गला कर ऑर्गेनिक खाद बनाया जा सकता है।
डॉ. आत्माराम गोदारा, उप निदेशक, कृषि विभाग।