- विभाग ने जारी किया फार्म-6, स्कूलों को भरकर 31 तक करना होगा जमा
- साल 2021 से हर साल बढ़ाई फीस का स्कूलों को देना होगा अपना ब्योरा-
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। फीस बढ़ोतरी की जानकारी न देने पर शिक्षा विभाग निजी स्कूलों पर सख्त हो गया है। जिस पर विभाग ने फार्म-6 जारी किया है, जो स्कूलों को 31 मई तक भरकर देना होगा। वहीं फार्म-6 के जरिए बढ़ाई फीस की जानकारी न देने पर कार्रवाई की जाएगी। पिछला भरा फार्म-6 सही नहीं है, यह विभाग को दो महीने बाद याद आया है। इसमें शिक्षा विभाग की लापरवाही भी दिख रही है।
नया सत्र शुरू होने से पहले शिक्षा विभाग ने निजी स्कूलों को फार्म-6 भरने के आदेश दिए थे लेकिन स्कूलों ने जो जानकारी दी वह सही नहीं है। जिसके बाद विभाग ने दोबारा से एमआईएस पोर्टल खोल दिया है। इसके लिए विभाग ने फार्म-6 का नया फार्मेट जारी किया है। इस फार्मेट के अनुसार ही स्कूलों को फीस संबंधी जानकारी देनी होगी। यही नहीं इस फार्म में स्टाफ को दिए जा रहे वेतन की भी जानकारी देनी होगी। वहीं सही व समय पर जानकारी न देने वाले स्कूलों के खिलाफ विभाग कार्रवाई करेगा।
मार्च में परिणाम जारी कर दाखिले किए जा रहे थे। उस समय स्टाफ बोर्ड परीक्षा में व्यस्त था। वहीं आचार संहिता के कारण अधिकारियों की चुनाव ड्यूटी लग गई है। अधिकारी विभाग के साथ चुनाव ड्यूटी भी दे रहे हैं। स्कूलों के भरे फार्म-6 अब विभाग ने चेक किया तो यह सही नहीं मिले। जिसके बाद विभाग ने फिर से स्कूलों को फार्म-6 भरने के आदेश जारी किए हैं।
निजी स्कूलों को हर साल दाखिला शुरू होने से पहले फार्म-6 भर कर शिक्षा विभाग को देना होता है। फार्म में स्कूल बढ़ाई फीस, स्टाफ के वेतन में वृद्धि व अन्य खर्च की जानकारी देनी होती है। फार्म-6 भरने के बाद ही कोई स्कूल फीस में वृद्धि कर सकता है। परंतु स्कूलों ने विभाग को जो जानकारी दी है, उससे विभाग संतुष्ट नहीं है। जिसके बाद विभाग ने स्कूलों को दोबारा से फार्म भरने के आदेश दिए हैं। इसके लिए विभाग ने फिर से पोर्टल खोल दिया है।
इन बिंदुओं में मिली खामी
पहले भरे फार्म में सही जानकारी नहीं थी। तब फार्म के बिंदु क्रमांक 10, 11, 12 व 13 सही नहीं थे। जबकि इस बार विभाग ने विशेष रूप से यह भरने की जिम्मेदारी जिला शिक्षा अधिकारी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी व खंड शिक्षा अधिकारी को दी है। निजी स्कूल संचालक 31 मई रात 11 बजकर 59 मिनट तक भर कर समिट कर सकते हैं। विभाग ने फार्म-6 में केवल इस बार की नहीं बल्कि साल 2021 से अब तक की जानकारी मांगी है। उनमें स्टाफ सैलरी, फीस स्ट्रक्चर, अन्य खर्च का पूरा ब्याेरा देना अनिवार्य है।
अधिक बताकर दे रहे कम वेतन
जिले में प्राइमरी, माध्यमिक, उच्च व वरिष्ठ माध्यमिक श्रेणी के छोटे बड़े करीब 450 निजी स्कूल हैं। विभाग को सूचना मिली है कि स्कूल संचालक फार्म-6 में दिखाया गया वेतन स्टाफ को नहीं देते हैं। वे फार्म-6 में अध्यापकों व कर्मचारियों का वेतन अधिक दिखाते हैं और वास्तविकता में उन्हें कम वेतन दिया जाता है। ऐसे में सरकार व विभाग की आंखों में धूल झौकने के लिए अधिक वेतन की रसीद पर अध्यापकों व स्टाफ के हस्ताक्षर करवा लेते हैं। इतना ही नहीं कई स्कूल संचालक अपने स्टाफ से चेक पर पहले ही राशि भरवाकर हस्ताक्षर करवा लेते हैं, जिससे चेकिंग के समय अच्छा वेतन का नाम ले सकें। इसके अलावा स्कूल फार्म-6 में फीस बढ़ोतरी कुछ और दिखाते हैं, जबकि अभिभावकों से फीस कुछ और वसूली जाती है।
विभाग की ओर से स्कूलों को दोबारा फार्म-6 भरने के आदेश दिए हैं। स्कूलों को 31 मई तक फार्म भर कर देने होंगे। पहले भरे फार्म में सही जानकारी नहीं थी। स्कूलों को साल 2021 से अब तक की फीस व अन्य जानकारी देनी होगी।
- सुदेश ठुकराल, जिला शिक्षा अधिकारी