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Karnal News: गेहूं अवशेष जलाने पर सख्ती, कंट्रोल रूम शुरू, सैटेलाइट से होगी निगरानी

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माई सिटी रिपोर्टर
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करनाल। गेहूं कटाई सीजन के बीच जिले में फसल अवशेष जलाने की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन ने जिले में कंट्रोल कक्ष बना दिए हैं। खेतों पर नजर रखने के लिए सैटेलाइट तकनीक का सहारा लिया जा रहा है।
कृषि विभाग के उपनिदेशक वजीर सिंह के अनुसार, जिले में करीब 4.25 लाख एकड़ में गेहूं की फसल बोई गई है। इसमें से लगभग 50 प्रतिशत फसल की कटाई हो चुकी है। एक अप्रैल से हरसैक हरियाणा की मदद से सैटेलाइट के जरिए खेतों की निगरानी शुरू कर दी गई है। अगर किसी खेत में आगजनी की घटना होती है, तो उसकी लोकेशन तुरंत कृषि विभाग की टीम को भेजी जाएगी। इसके बाद ग्राम स्तर पर गठित टीम मौके पर पहुंचकर नियमानुसार कार्रवाई करेगी।
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उन्होंने बताया कि जिला स्तर पर अतिरिक्त उपायुक्त समेत 7 वरिष्ठ अधिकारी निगरानी कर रहे हैं। जबकि तहसील और खंड स्तर पर एसडीएम, बीडीपीओ, तहसीलदार और कृषि अधिकारी जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। गांव स्तर पर पटवारी, ग्राम सचिव, पशुपालन विभाग और कृषि विभाग के कर्मचारियों को शामिल किया गया है। कुल मिलाकर करीब 700 अधिकारी और कर्मचारी इस अभियान में लगाए गए हैं।
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नियम तोड़ने पर भारी जुर्माना और एफआईआर :
प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फसल अवशेष जलाने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी। दो एकड़ से कम भूमि पर 5,000 जुर्माना, 2 से 5 एकड़ पर 10,000 जुर्माना, 5 एकड़ से अधिक पर 30,000 जुर्माना लगाया जाएगा। दोषी किसान के खिलाफ वायु (प्रदूषण निवारण एवं नियंत्रण) अधिनियम 1981 और भारतीय न्याय संहिता 2023 के तहत एफआईआर दर्ज की जाएगी। सबसे बड़ी कार्रवाई यह होगी कि संबंधित किसान के मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल पर रेड एंट्री की जाएगी, जिससे वह अगले दो सीजन तक अपनी फसल एमएसपी पर नहीं बेच पाएगा।
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