हरियाणा पुलिस नशे के रैकेट को तोड़ने के लिए हर रेंज में एसटीएफ तैनात करेगी, जो विशेषकर नशे की सप्लाई लाइन को तोड़गी, इसके साथ ही पुलिस का टारगेट अलग अलग जिलों में बने व गैंग और गैंगेस्टर हेंगे। इसको लेकर जिलों से डाटा एकत्रित कर उसे क्रास चेक किया जा रहा है, जल्द ही गैंगेस्टर के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जाएगा। यह जानकारी पुलिस महानिदेशक बीएस सिंधु ने करनाल एसपी कार्यालय स्थित प्रेसवार्ता के दौरान दी।
इससे पहले डीजीपी ने करनाल रेंज के करनाल, कैथल व पानीपत के पुलिस अधिकारियों की बैठक ली और उन्हें दिशा निर्देश दिये। उन्होंने एक एक करके तीनों जिलों के एसपी से वहां के मामलों को लेकर पूछताछ की और अपराध की भी जानकारी मांगी। एक सवाल के जवाब में डीजीपी ने कहा कि हरियाणा पुलिस की प्राथमिकता है नशे को रोकना। इसको लेकर चारों रेंज स्तर पर एसटीएफ (स्पेशल टास्क फोर्स) बनाई जाएगी, जो विशेष रूप से इसी पर काम करेगी।
इसमें आईजी स्तर के अधिकारी ने नेतृत्व में यह टीम काम करेगी और इसमें दो एसपी, चार डीएसपी समेत अन्य स्टाफ तैनात होगा। पुलिस का मुख्य मकसद नशे की सप्लाई को तोड़ना है। वहीं, एक अन्य सवाल पर डीजीपी संधू ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता अपराध पर लगाम लगाना भी है, इसके तहत सभी जिलों से गैंगों और गैंगेस्टर के बारे में जानकारी एकत्रित करके उसे क्रास चेक किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कुछ गैंग रोहतक के हैं और सोनीपत में आपरेट कर रहे हैं, इसी प्रकार कुछ जींद के गैंग हैं जो हिसार में आपरेट कर रहे हैं, उनका डाटा व जानकारी एकत्रित की जा रही है, जल्द ही इनके खिलाफ स्पेशल अभियान चलाया जाएगा। इसके साथ ही महानिदेशक ने साफ कहाकि यूपी के साथ लगते इलाके पर विशेष रूप से निगरानी की जा रही है। एक अन्य सवाल के जवाब में महानिदेशक ने कहा कि पेरोल और बेल जंपर के खिलाफ भी पुलिस गंभीर है और ऐसे मामलों को गंभीरता के साथ टेकल किया जा रहा है।
थानों के बाहर खोले जाएंगे मित्र कक्ष
डीजीपी ने बताया कि क्राइम के अलावा थानों में होने वाली सेवाओं को जल्दी और सरल बनाने के लिए थानों के बाहर मित्र कक्ष बनाए जाएंगे। इसके लिए बकायदा बनाए जाने वाले भवन का नक्शा आदि तैयार कर लिया गया है। जल्द ही इस पर काम शुरू हो जाएगा। डीजीपी ने कहा कि, लाइसेंस, पासपोर्ट व चरित्र प्रमाण पत्र बनवाने आदि के काम यहीं पर समय पर निपटाए जाएंगे। डीजीपी ने बताया कि इसके अलावा प्रदेशभर में स्थापित कुल 300 थानों में से 40 थाने ऐसे हैं, जो किराये के भवनों में चल रहे हैं, उनके लिए भी जल्द ही नये भवन तैयार कराए जाएंगे।
30 जून तक मिलेंगे 5 हजार पुलिसकर्मी
पुलिस महानिदेशक सिंधू ने बताया कि पांच हजार पुलिस कर्मचारी आगामी जून माह तक पुलिस को मिल जाएंगे। पुलिस भर्ती पर स्टे चल रहा था, जो हाईकोर्ट स्टे हटा लिया है। इससे पुलिस को काफी राहत मिलेगी। वहीं, पुलिस का प्रयास रहेगा कि वर्ष 2018 तक दस हजार और पुलिस कर्मचारी पुलिस में शामिल किये जाएं, ताकि खाली पड़ पदों को भरा जाए। इसके साथ ही थानों में फोर्थ क्लास को भी तैनात किया जाएगा। डीजीपी ने बताया कि पुलिस के पुराने वाहनों के स्थानों पर नये वाहन लाए जा रहे हैं। वहीं, साइबर क्राइम को लेकर पंचकूला में अलग से थाना खोला जा रहा है। उन्होंने कहा कि सभी पुलिस अधिकारियों को आदेश दिये हैं कि जो भी व्यक्ति थाने व चौकियों में शिकायत लेकर आते हैं, उनकी बात अच्छे तरीके से सुनी जाए और उस पर कार्रवाई हो।
ट्रैफिक को मैनेज करना भी चुनौती
डीजीपी ने माना की ट्रैफिक को मैनेज करना कड़ी चुनौती है। उनका प्रयास रहेगा कि लोगों को यातायात के प्रति जागरूक किया जाए और नियमों को तोड़ने वाले खासकर ओवर स्पीड व शराब पीकर गाड़ी चलाने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा। अगर कोई पुलिसमैन भी नियम तोड़ता है तो उनके खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिये हैं। पु
लिस प्रयास करेगी कि बड़े वाहनों खासकर ट्रक को नेशनल हाइवे पर एक लाइन में चलाने की कोशिश की जाएगी। दूसरी ओर महिलाओं की सुरक्षा को लेकर पुलिस पूरी तरह से सजग है। आपरेशन दुर्गा के तहत बेटियों को सुरक्षित होने का अहसास कराया जा रहा है।