सरकार से सहायता प्राप्त दयानंद मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (मेलाराम) तो
बंद हो गया, लेकिन इससे निकाले गए शिक्षक भी अब सड़क पर आ गए हैं।
शिक्षा
विभाग ने जिन स्कूलों में इन शिक्षकों को समायोजित करने के आदेश जारी किए
थे, उन स्कूलों ने हाईकोर्ट से शिक्षा विभाग के नोटिफिकेशन पर स्टे ऑर्डर
ले लिया है। इससे शिक्षकों को पसीने छूट गए हैं और उनकी नौकरी पर खतरे के
बादल मंडराने लगे हैं।
शिक्षा विभाग के निदेशक चंद्रशेखर का पत्र आने
के बाद तो मेलाराम स्कूल में एक सफाई कर्मी तक भी नहीं बचा है। मेलाराम
स्कूल के बच्चों को तो दूसरे स्कूलों में एडजस्ट कर दिया गया है, लेकिन
स्कूल स्टाफ को अन्य स्कूल ज्वाइन नहीं करवा रहे। जिला शिक्षा विभाग भी
इसमें कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।
इसके चलते डीएवी ब्वायज सीनियर
सेकेंडरी, डीएवी गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी, एसडी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, गुरु
नानक खालसा स्कूल व गुरुकुल मोरमाजरा हाईकोर्ट पहुंच गए और शिक्षा विभाग
के आदेशों को धत्ता बताते हुए स्टे ऑर्डर हासिल कर लिया।
स्टे ऑर्डर की खबर से शिक्षकों के उड़े होश
जैसे
ही मेलाराम स्कूल से हटाए गए शिक्षकों को स्कूलों की इस करतूत का पता चला,
उनके होश उड़ गए। उन्होंने इस बारे में पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के
वकीलों से सलाह मशविरा शुरू कर दिया है। वे भी अब अपनी ज्वाइनिंग के लिए
हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाने जा रहे हैं।
इन स्कूलों में एडजस्ट किए थे
दयानंद
मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल (मेलाराम) में कार्यरत साइंस टीचर वीरेंद्र
कुमार को डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल, एसएस टीचर ओमप्रकाश को डीएवी
गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल, एसएस टीचर बीके चावला को जैन गर्ल्स
सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल, गणित टीचर सविता को ललिता शास्त्री एसडी
गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी स्कूल नीलोखेड़ी, हिंदी टीचर मीना को एसडी सीनियर
सेकेेंडरी स्कूल करनाल, पंजाबी टीचर सुदेश बाला को डीएवी सीनियर सेकेंडरी
स्कूल करनाल, संस्कृत टीचर मीना कुमारी को डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल
करनाल में तबादला कर दिया है। क्लर्क उत्तमचंद अरोड़ा को डीएवी सीनियर
सेकेंडरी स्कूल करनाल, चपड़ासी धनीराम को गुरुनानक गर्ल्स सीनियर सेकेंडरी
स्कूल करनाल, चौकीदार राजेंद्र प्रसाद को मोरमाजरा गुरुकुल, स्वीपर जागृति
को डीएवी सीनियर सेकेंडरी स्कूल करनाल में समायोजित करने के आदेश शिक्षा
विभाग ने जारी किए थे।
स्कूल की तो रजिस्ट्री हो गई
मेलाराम
स्कूल की रजिस्ट्री नियमों को ताक पर रखकर करवा ली गई है। फिलहाल प्रशासन
रजिस्ट्री में स्टांप ड्यूटी कम लगाने जाने की करवाने की जांच का राग अलाप
रहा है। लोगों का कहना है कि जांच करने वाले भी वही अफसर और नियमों को
ठेंगा दिखाने वाले भी वही अफसर। इस स्थिति में इंसाफ मिलना बहुत मुश्किल
है।