जूता व्यापारी के बेटे केतन सरदाना अपहरणकांड के अन्य तीन
अपहरणकर्ताओं को दबोचने के लिए पुलिस ने रविवार को भी मेरठ और पानीपत समेत
कई स्थानों पर दबिश दी।
पुलिस ने करनाल के लाइनपार क्षेत्र को भी खंगाला।
पुलिस की कई जगह दबिश देने के बावजूद एक भी आरोपी पुलिस के हत्थे नहीं चढ़
सका है। पूरा दिन की मेहनत के बावजूद अपहरण कांड के तीन अन्य आरोपियों को
दबोचने के मामले में शाम तक पुलिस के हाथ खाली रहे।
शनिवार को अदालत ने
मॉडल टाउन निवासी केतन सरदाना अपहरणकांड में केतन द्वारा की गई शिनाख्त
परेड के बाद पानीपत निवासी आरोपी पंकज को सात दिन के लिए पुलिस रिमांड पर
भेजा है। पंकज पुलिस को पहले ही बता चुका है कि अपहरणकांड की घटना को अंजाम
देने के लिए तीन अन्य लोग उसके साथ थे।
इसमें साफ है कि दो अन्य लोग पंकज
के शहर पानीपत के रहने वाले हैं, जबकि एक अन्य व्यक्ति करनाल का रहने वाला
है। पुलिस तीनों आरोपियों को दबोचने के लिए तलाश में जुटी है। इसके लिए
एसपी अभिषेक गर्ग के मार्गदर्शन में सीआईए-1 पुलिस के प्रभारी कुलभूषण के
नेतृत्व में कई टीम आरोपियों को पकड़ने के लिए दबिश दे रही है। पुलिस
फिलहाल आरोपियों के नाम और पते का खुलासा करने के पक्ष में नहीं है। पुलिस
का कहना है कि अभी इस मामले में बहुत कुछ होना बाकी है।
पुलिस आधी रात
के बाद ही करनाल से मेरठ और पानीपत के लिए रवाना हो गई थी। करनाल में भी
पुलिस ने कई क्षेत्रों को खंगालने में कसर नहीं छोड़ी। मेरठ और पानीपत में
भी कई स्थानों पर पहुंच कर पुलिस दबिश दी। जहां-जहां पुलिस ने दबिश दी,
वहां से कई महत्वपूर्ण जानकारी तो हासिल हुई, लेकिन आरोपी पुलिस के हत्थे
नहीं चढ़ सके।
पुलिस रिमांड में होगा खुलासा
पुलिस इस मामले में
पूरी तरह गंभीर है। एक-एक कदम सोच समझकर रखा जा रहा है। पुलिस धीरे-धीरे
मामले की जड़ तक पहुंच जाएगी। वह किसी हाल भी कोई कमी बाकी नहीं छोड़ना
चाहती है। उम्मीद है आरोपी के सात दिन के रिमांड के भीतर बहुत कुछ खुलासा
हो सकेगा।
- कुलभूषण, भारी, सीआईए-1, करनाल
यह था मामला
शहर
के मॉडल टाउन की कोठी संख्या-डी-6 के बाहर से नौ मई को जूता व्यापारी के
27 वर्षीय बेटे केतन सरदाना का अपहरण हो गया था। अपहरणकर्ताओं ने केतन को
छोड़ने के एवज में छह करोड़ रुपये की फिरौती मांगी थी। तीन दिन पहले पुलिस
ने पानीपत के एक आरोपी पंकज को धर दबोचा था। उनके कब्जे से केतन को भी
छुड़ाया गया था। अब पकडे़ गए आरोपी पंकज की निशानदेही पर ही मामले में पूरी
कार्रवाई आगे बढ़ाई जा रही है।