संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। प्रदेश स्तरीय स्कूली शतरंज चैंपियनशिप में लड़कियों व लड़कों के अंडर-14, 17 और 19 आयु वर्ग के मुकाबले मंगलवार से शुरू होंगे। प्रतियोगिता में प्रदर्शन के आधार पर 15 लड़कियों व 15 लड़कों, कुल 30 खिलाड़ियों का चयन राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के लिए किया जाएगा।
शतरंज एशिया महाद्वीप एसोसिएशन के महासचिव ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने बताया कि प्रदेश के 22 जिलों से अधिकतम 660 खिलाड़ी इसमें हिस्सा लेंगे। हरियाणा सरकार ने खिलाड़ियों के रहने-खाने की जिम्मेदारी शिक्षा विभाग को दी है। उन्होंने बताया कि पूरा प्रदेश में बाढ़ और जलभराव जैसे हालात है। कई जिलों के उपायुक्तों ने स्कूल बंद करने के आदेश दिए हुए हैं, लेकिन शिक्षा विभाग खेल कराने पर क्यों अड़ा है।
उन्होंने बताया कि ऐसे हालातों में खिलाड़ियों को आयोजन स्थल तक पहुंचना में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। जिस कारण सभी खिलाड़ी नहीं पहुंच पाएंगे, लेकिन शिक्षा विभाग खेल को कराने में इतना जोर क्यों दे रहा है। उन्होंने इसे शिक्षा विभाग के अधिकारियों की नासमझी बताई है।
बच्चों पर भारी पड़ सकता है विभाग का फैसला
उब्रह्मचारी कुलदीप ने बताया कि लगातार बारिश और बाढ़ ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। प्रदेश के 12 जिलों में जलभराव की गंभीर स्थिति बनी हुई है। बावजूद इसके शिक्षा विभाग ने शतरंज प्रतियोगिता कराने का निर्णय लिया है। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के गलत फैसले का परिणाम स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ेगा। ब्रह्मचारी कुलदीप शतरंज ने चेतावनी दी कि इस गलत फैसले का खामियाजा प्रदेश के स्कूली बच्चों को भुगतना पड़ेगा।
ये खेल प्रतियोगिताएं रद्द
पानीपत – प्रदेश स्तरीय स्कूली फुटबॉल प्रतियोगिता
फरीदाबाद – लड़कियों की प्रदेश स्तरीय स्कूली एथलेटिक्स प्रतियोगिता
फतेहाबाद – लड़कियों की प्रदेश स्तरीय स्कूली हॉकी प्रतियोगिता