किसानों का सोना पक गया है और इसकी खरीद के लिए प्रशासन ने भी पूरी व्यवस्था कर ली है। जिले में पांच एजेंसियां गेहूं की खरीद करेंगी। इसके लिए आज से बोली लगेगी। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वह नमीयुक्त गेहूूं मंडी में लेकर न पहुंचे। क्योंकि नमीयुक्त गेहूं को खरीदा नहीं जाएगा। इससे किसान की परेशानी बढ़ सकती है। पिछले साल के मुकाबले इस बार खरीद एजेंसियों ने खरीद का अनुमान भी ज्यादा लगाया हुआ है।
जिले में नौ अनाज मंडियों और 23 परचेज सेंटर बनाए हैं। यहां पर सुखी गेहूं को सरकारी रेट 1525 रुपये प्रति क्विंटल के भाव से खरीदा जाएगा। खरीद एजेंसियों को हिदायतें दी हैं कि वह किसी प्रकार की गड़बड़ी न होने दे। किसानों से भी अपील है कि वह मंडी में किसी तरह की गड़बड़ी की आशंका जते तो वह प्रशासन के ध्यान में मामला लेकर आए।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पिछले साल छह लाख 92 हजार मीट्रिक टन गेहूं की खरीद की गई थी और इस बार सात लाख 15 हजार मीट्रिक टन खरीद करने का अनुमान है। इसका कारण है कि पिछले साल गेहूं खराब हो गई थी। इस साल किसानों के पास अच्छा गेहूं है। इसलिए वह सुखा लेकर आएंगे तो उन्हें और खरीद एजेंसियों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं होगी।
जिले की मंडियों से धान खरीदने के लिए पांच खरीद एजेंसियों की मीटिंग लेकर व्यवस्था को लेकर समझा दिया गया है। अधिकारियों ने बताया कि हैफेड, स्टेट वेयर हाउस, एफसीआई, फूड एंड सप्लाई व हरियाणा एग्रो एजेंसी खरीद करेंगी। अधिकारियों का अनुमान है कि अप्रैल के पहले सप्ताह के बाद आवक आनी शुरू हो जाएगी। अप्रैल महीने में गेहूं आवक का जोर रहेगा।
परचेज के दौरान छुट्टी कैंसिल
प्रशासनिक अधिकारियों ने परचेज में लगाए गए कर्मचारी व अधिकारियों की छुट्टियां कैंसिल कर दी है। सीजन में वह अपना-अपना सेंटर नहीं छोड़ सकेंगे। यदि किसी को इमरजेंसी होती है तो वह अन्य व्यवस्था करके ही सेंटर को छोड़ सकते हैं। इससे सरकारी खरीद का काम चलता रहेगा और किसानों को भी किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी।
वर्जन
गेहूं की खरीद के लिए पांच एजेंसियां हैं। सभी को व्यवस्था के बारे में समझा दिया गया है। सीजन में बेहतर कार्य किया जाएगा और किसानों को किसी प्रकार की परेशानी नहीं आएगी। सरकारी रेट 1525 रुपये प्रति क्विंटल की खरीदी जाएगी। किसानों से अपील है कि वह सुखाकर ही गेहूं लेकर आए।
-निशांत राठी, डीएफएससी, करनाल।