पोस्टर से एसआरके गुट और धरातल पर कांग्रेस के दावेदार दिखे नदारद
करनाल से लोकसभा प्रत्याशी दिव्यांशु के रोड शो में भी नजर आई गुटबाजी
माई सिटी रिपोर्टर
करनाल/पानीपत। लोकसभा सीट करनाल से दिव्यांशु बुद्धिराजा को प्रत्याशी घोषित करने के बाद कहीं न कहीं अन्य दावेदारों को झटका लगा है। शायद यही कारण है कि रविवार को उनके रोड शो में दावेदार नदारद दिखे। टिकट के लिए चरचाओं में रहे पूर्व स्पीकर कुलदीप शर्मा व उनके पुत्र चाणक्य पंडित हो या फिर वीरेंद्र सिंह राठौर, वरिंदर सिंह बुल्ले शाह। वहीं बैनर पोस्टर में एसआरके गुट भी नजर नहीं आया, हालांकि करनाल में एसआरके गुट से असंध के विधायक गोगी उनके साथ दिखे।
केंद्रीय नेतृत्व की ओर से काफी माथापच्ची के बाद करनाल से तीन दिन पहले दिव्यांशु बुद्धिराजा को प्रत्याशी घोषित किया गया, जबकि इससे पहले दावेदारों में उनका कहीं नाम नहीं था। भले की कांग्रेस ने दिव्यांशु को उम्मीदवार घोषित कर पंजाबी कार्ड खेला है, लेकिन इससे अन्य समुदायों की नाराजगी से इंकार नहीं किया जा सकता है जो रविवार को कहीं न कहीं उजागर भी हुई। बुद्धिराजा के पहले रोड शो में पोस्टरों से जहां एसआरके गुट गायब रहा, वहीं धरातल में टिकटों के दावेदार नजर नहीं आए जो कांग्रेस के लिए चिंता का विषय हो सकता है। पोस्टर बैनर में कांग्रेस के केंद्रीय नेताओं, प्रदेशाध्यक्ष के साथ सिर्फ भूपेंद्र हुड्डा व दीपेंद्र हुड्डा को ही जगह मिली है, अन्य किसी स्थानीय नेता को स्थान नहीं दिया गया है।
टिकट के दावेदारों में शामिल वरिंदर सिंह बुल्ले के पुत्र विपुल शाह जरूर साथ दिखे। वहीं रणदीप सुरजेवाला के करीबी भूपिंद्र सिंह लाठर, करनाल में कुमारी सैलजा के करीबी माने जाने वाले असंध के विधायक शमशेर सिंह गोगी की उपस्थिति पार्टी को राहत देने वाली हो सकती है। इस दौरान कुछ लोगों से बातचीत की गई तो उनका ये कहना था कि बात नाराजगी की नहीं है, लेकिन युवाओं की भीड़ में उनका क्या काम था। कुछ का कहना ये भी कि पहले प्रत्याशी को उनके पास आना चाहिए, तभी वह खुलकर सामने आएंगे।
गाड़ी का शीशा टूटा, जाम में फंसी एंबुलेंस
समालखा में स्वागत के दौरान दिव्यांशु बुद्धिराजा की गाड़ी का अगला शीशा टूट गया। दरअसल, वे गाड़ी से बाहर निकलकर कार्यकर्ताओं से मिल रहे थे। तभी दबाव अधिक पड़ने पर शीशा टूट गया। इस दौरान जीटी रोड टोल प्लाजा पर लंबा जाम लग गया। वाहनों के निकलने के लिए एक लेन ही मिल रही थी। तभी एक एंबुलेंस भी जाम में फंस गई। कार्यकर्ताओं ने आगे आकर मशक्कत के बाद एंबुलेंस को आगे निकाला।