बसंत पंचमी पर करनाल में पतंगबाजी का क्रेज है। इसमें मशगूल शहरवासियों ने पूरे दिन में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा की पतंग-डोर उड़ा दी। सुबह पांच बजे से लेकर देर शाम दिन ढलने तक पतंगबाजी का खेल चला।
शहर के अलग-अलग बाजारों में पतंग-डोर की 190 दुकानें सजी। हर जगह औसतन पांच लाख रुपये की पतंग-डोर का स्टॉक दुकानदारों ने मंगा रखा था, यानी बसंत के सीजन में 10 करोड़ रुपये से ज्यादा का कारोबार है। वहीं अलग-अलग बाजारों के दुकानदार जगदीश, मनोज, प्रवीण और मोनू के अनुसार, बसंत से एक रात पहले ही खूब पतंग डोर की बिक्री हुई। उनके यहां का पूरा स्टॉक खाली हो गया। शहर के अलावा आस-पास के क्षेत्रों के युवाओं ने भी यहां से पतंग-डोर की खरीददारी की। उसके बाद वीरवार पूरा दिन पतंगबाजी का आनंद लिया। करनाल जिले की 16 लाख आबादी में 4 लाख युवा हैं। मालूम हो कि पतंग के लिए आने वाला अधिकांश मांझा उत्तर प्रदेश के बरेली से ही आता है।
सप्ताह भर रोजाना रहा लाखों का बाजार
सदर बाजार स्थित दुकानदार मनोज और राम नगर के गुलशन ने बताया कि एक सप्ताह पहले ही बाजार में तेजी आई थी। इन दिनों उनके दोनों बाजारों के करीब 80 दुकानों पर रोजाना पांच से सात लाख रुपये तक का व्यापार होने का अनुमान है।
250 से ज्यादा डीजे, छतों पर गूंजे
वेडिंग क्लब डीजे के संचालक सोनू, विवेक, शंकर, संजीव ब्रास के अनुसार, शहर में 250 से ज्यादा डीजे सर्विस प्रोवाइडर हैं। उन्होंने बताया कि बसंत पर सभी जगह डीजे की बुकिंग रही। एक बुकिंग का 2000 रुपये तक चार्ज किया गया, यानी युवाओं ने बसंत पर मस्ती के लिए पांच लाख रुपये से ज्यादा डीजे पर भी खर्च किए।
यहां इतनी दुकानें
-सदर बाजार में 60 दुकानें
-रामनगर मार्केट में 55 दुकानें
-पुराने शहर क्षेत्र में 35 दुकानें
-सेक्टर व अन्य बाजारों में करीब 40 दुकानें (190 कुल)