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Karnal News: खेल नर्सरियां दो माह के लिए बंद, खुराक भत्ता रुका

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- जिले में 29 सरकारी व 49 निजी नर्सरियों को दो वर्ग में मिलता है भत्ता
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संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। बोर्ड की परीक्षा नजदीक आने व विद्यार्थियों की पढ़ाई को ध्यान में रखते हुए खेल विभाग की ओर से सभी सरकारी व निजी खेल नर्सरियों को दो माह के लिए बंद कर दिया गया है। इस दौरान सरकारी खेल कोच को छोड़कर, सरकारी नर्सरी के खिलाड़ी, निजी नर्सरियों के कोच व खिलाड़ियों को खुराक भत्ता नहीं मिलेगा। अब खेल नर्सरियां फरवरी और मार्च दो महीने बंद रहेंगी।
इससे विद्यार्थी अच्छे से पढ़ाई कर सकेंगे। अप्रैल में इनकी नए सिरे से ट्रायल प्रक्रिया चलेगी। नर्सरियों में 2000 के लगभग खिलाड़ी प्रशिक्षण ले रहे थे। कम उम्र में अच्छे खिलाड़ी तैयार करने के लिए जिले में 29 सरकारी और 49 निजी खेल नर्सरी चलाई जा रही हैं। खेल विभाग में करीब 36 विभिन्न खेलों के कोच हैं, इनमें से 29 कोच को एक-एक नर्सरी का चार्ज दिया गया है। हर एक नर्सरी में 25 खिलाड़ी हैं। इसके लिए अतिरिक्त पांच खिलाड़ी भी रखे जाते हैं। खिलाड़ियों की संख्या कम होने पर इनको इसमें समायोजित किया जाता है। वहीं प्राइवेट नर्सरी में खेल विभाग नियमों के आधार पर चयन करते हैं।
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प्रदेश सरकार की ओर से नियम अनुसार प्रत्येक खिलाड़ी जो प्रशिक्षण ले रहा है, उनको डाइट के पैसे दिए जाते हैं। अब 2023-24 का सत्र खत्म हो गया है इसलिए अब 2024-25 के लिए अप्रैल से ट्रायल प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। हरियाणा सरकार की ओर से जिले में चलाई जा रही सरकारी और गैर सरकारी नर्सरियों में भाग लेने के लिए खिलाड़ी हरियाणा का निवासी होना चाहिए और उनके पास हरियाणा का स्थाई निवासी प्रमाणपत्र होना अनिवार्य है।

दो वर्गों में खिलाड़ियों को मिलता है खुराक भत्ता
खेल नर्सरी में ट्रायल के बाद चयनित खिलाड़ियों को सरकार की ओर से हर माह खुराक भत्ता दिया जाता है। इसके लिए दो वर्ग बनाए गए हैं। पहला आठ से 14 वर्ष के अंडर-14 और दूसरा 15 से 19 वर्ष के लिए अंडर-19 के खिलाड़ियों को इसमें शामिल किया गया है। इसमें अंडर-14 को 1500 रुपये प्रतिमाह और अंडर-19 के लिए दो हजार रुपये खुराक भत्ता दिया जाता है।
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प्राइवेट स्कूलों की नर्सरियां
आर्य कन्या गुरुकुल मोर माजरा कबड्डी, लड़कियां।
महाराणा प्रताप पब्लिक स्कूल घरौंडा हॉकी, लड़के।
कन्हैया पब्लिक स्कूल बड़ौता कुश्ती, लड़के।
आदर्श नर्सरियां शूटिंग असंध।
आदर्श नर्सरियां जिम्नास्टिक, असंध।
मंगलौरा अखाड़ा, नर्सरी।
बालपबाना नर्सरी, कुश्ती।

राजीव गांधी खेल परिसर।
राजीव गांधी खेल परिसर पुंडरक वॉलीबॉल, लड़के।
जवाहर नवोदय स्कूल सग्गा बाक्सिंग, मिक्स ।
चमकोर स्पोर्ट्स अकादमी चोरकारसा वॉलीबॉल, लड़के।
राजीव गांधी खेल परिसर घोघड़ीपुर एथलेटिक्स मिक्स।

कर्ण स्टेडियम के प्रशिक्षकों की ओर से 29 सरकारी खेल नर्सरियां चलाई जा रही।


खेल नर्सरियां बनने से खेलों के स्तर में काफी सुधार आया है। खिलाड़ियों को खेलने के लिए सुविधाएं मिल रही हैं। वहीं छोटी उम्र में ही उन्हें प्रशिक्षण मिलने लग जाता है। खिलाड़ी अपने प्रदेश का नाम रोशन कर रहे हैं।
- सुधा भसीन, जिला खेल अधिकारी
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