रिजर्व बैंक ने नकदी संकट से जूझ रहे यस बैंक का बोर्ड भंग कर प्रशासक नियुक्त कर दिया है। जमाकर्ताओं पर निकासी की सीमा सहित बैंक के कारोबार पर भी कई तरह की पाबंदियां लगी हैं। इस खबर से बैंक उपभोक्ताओं में हड़कंप है। ऐसे में किसी की सैलरी अटकी है, तो कोई अपनी किश्त भरने से छूटा है। अचानक मिली सूचना से लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संभावना जताई जा रही है कि अकेले करनाल जिले में हजारों उपभोक्ताओं के यस बैंक में खाते हैं और करोड़ों रुपये उनके खातों में जमा हैं।
शुक्रवार दिनभर सेक्टर-12 स्थित बैंक की ब्रांच पर उपभोक्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। कोई अपने सारे पैसे निकलवाने के लिए पहुंचा तो कोई अपनी एफडी और आरडी निकलवाने को। लेकिन सभी उपभोक्ता बैंक के अधिकारियों से नहीं मिल पाए। इधर बैंक की ओर से वित्त मंत्रालय द्वारा जारी निर्देशों को बाहर चस्पा दिया गया, अचानक नोटिस देखकर भी कई उपभोक्ता घबरा गए।
एक माह में 50 हजार से ज्यादा नहीं निकाल सकेंगे
बैंक के डिपॉजिटर अब एक माह में 50 हजार रुपये से ज्यादा नहीं निकला पाएंगे। जबकि मेडिकल इमरजेंसी, उच्च शिक्षा और शादी पर खर्च की स्थिति में निकासी की सीमा में ढील दी जा सकती है। हालांकि, उन स्थितियों में भी 5 लाख रुपये से ज्यादा की निकासी नहीं हो सकेगी।
घर का राशन लेने के लिए आज पैसे निकलवाने आए थे
अचानक लगे नोटिस से लोग घबराए हैं। बैंक का बोर्ड भंग होने के बाद सेक्टर-12 में पहुंचे सतीश का कहना है कि उनकी पांच मार्च को ही सैलरी बैंक खाते में आई है। आज घर का राशन लेने के लिए पैसे निकलवाने थे, तो यहां आकर स्थिति पता चली। इधर, अशोक, अनिल, मुकेश और कमल का कहना है कि उन्हें भी अचानक जरूरत पर पैसे निकलवाने थे, लेकिन बैंक अधिकारियों से मिल ही नहीं पाए।