.रैपिड मेट्रो कॉरिडोर का कार्य करते मजदूर। संवाद
घरौंडा। दिल्ली से करनाल तक प्रस्तावित रैपिड मेट्रो कॉरिडोर के लिए घरौंडा क्षेत्र में मृदा परीक्षण शुरू हो गया है। विशेषज्ञों की टीम अलग-अलग स्थानों से मिट्टी के नमूने एकत्र कर उसकी गुणवत्ता और भार वहन क्षमता की जांच में जुटी है। करनाल में परीक्षण हो चुका है।
रैपिड रेल जैसी महत्वाकांक्षी परियोजनाओं में मृदा परीक्षण के आधार पर ट्रैक, पिलर, पुल और स्टेशनों की डिजाइन तैयार की जाती है, ताकि निर्माण कार्य सुरक्षित और तय तकनीकी मानकों के अनुरूप हो सके।
घरौंडा क्षेत्र में मृदा परीक्षण का काम शुरू होने से लोगों में उत्साह है। स्थानीय निवासी हरिश, शंकर और जय का कहना है कि दिल्ली-करनाल के बीच रैपिड मेट्रो शुरू होने से सफर की तस्वीर पूरी तरह बदल जाएगी। अभी जहां लंबी दूरी तय करने में घंटों लगते हैं, वहीं रैपिड रेल से यह दूरी काफी कम समय में तय हो सकेगी।
स्थानीय बलबीर सिंह और मोहन लाल समेत अन्य लोगों ने बताया कि इस परियोजना के शुरू होने से नौकरीपेशा लोगों, विद्यार्थियों और व्यापारियों को सीधा फायदा मिलेगा।