करनाल। समय सुबह 11 बजे, स्थान पंचायत भवन। अंत्योदय मेले में सरकारी योजनाओं का लाभ लेने पहुंचे लोगों के लिए सबसे बड़ी चुनौती योजना के काउंटर तक पहुंचने की रही। हाथों में फाइलें और जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचे लोग पहले पंजीकरण काउंटर की लंबी कतार में लगे। पंजीकरण के बाद अलग-अलग विभागों के काउंटरों पर फिर इंतजार करना पड़ा। कई लाभार्थियों ने बताया कि करीब ढाई घंटे की मशक्कत के बाद जब उनकी बारी आई तो उन्हें बताया गया कि वे संबंधित योजना के पात्र ही नहीं हैं।
मेले में प्रवेश करते ही सबसे पहले पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी करनी थी। पंजीकरण काउंटर पर लगी लंबी कतार में बुजुर्ग, महिलाएं और दिव्यांग भी घंटों अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। इसके बाद लाभार्थियों को संबंधित विभागों के काउंटरों पर भेजा गया लेकिन वहां भी स्थिति अलग नहीं थी। कई काउंटरों पर लोगों की कतार लगी रहीं, जबकि कुछ काउंटर पूरे समय लगभग खाली दिखाई दिए। सबसे अधिक भीड़ बैंक और लोन योजनाओं से जुड़े काउंटरों पर रही।
स्वरोजगार और बैंक ऋण योजनाओं के काउंटर पर लोग सबसे ज्यादा व्यस्त रहे। बड़ी संख्या में युवा और अन्य लोग लोन की जानकारी लेने और आवेदन की प्रक्रिया समझने पहुंचे। पंखे की हवा के लिए झगड़ा
उमस भरी गर्मी से बच्चे और बुजुर्ग परेशान रहे। कई परिजन अपने बच्चों को राहत दिलाने के लिए पंखों के ठीक सामने बैठ गए, जबकि कुछ लोग अपनी बारी छोड़कर भी बच्चों को हवा कराने में लगे रहे। भीड़ बढ़ने के साथ पंखों के आसपास जगह कम पड़ गई। लोगों में पंखे की हवा के लिए कहासुनी भी हुई। विवाद बढ़ता देख मौके पर तैनात पुलिसकर्मियों और कर्मचारियों ने व्यवस्था संभाली।
सीधे काउंटरों पर पहुंचे केंद्रीय मंत्री
मेले के दौरान केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल और करनाल विधायक जगमोहन आनंद भी पंचायत भवन पहुंचे। दोनों ने पहले अधिकारियों से मेले की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद वे वीआईपी गैलरी तक सीमित नहीं रहे, बल्कि सीधे विभागीय काउंटरों की ओर बढ़ गए। उन्होंने विभिन्न काउंटरों पर जाकर अधिकारियों से योजनाओं की जानकारी ली और लाभार्थियों से भी बातचीत की।
पंचायत भवन में आयोजित मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 के मेले के दौरान पंखे को लेक
पंचायत भवन में आयोजित मुख्यमंत्री अंत्योदय परिवार उत्थान योजना 2.0 के मेले के दौरान पंखे को लेक