माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। असंध को जिला बनाए जाने की मांग एक बार फिर जोर पकड़ रही है। समाजसेवियों, संस्थाओं और स्थानीय नेताओं ने इस मांग को लेकर आवाज बुलंद करते हुए कहा कि असंध का जिला बनना अब क्षेत्र की मूलभूत आवश्यकता बन चुका है। यह मांग लगभग वर्ष 2008 में सामाजिक संस्थाओं की ओर से शुरू किए गए हस्ताक्षर अभियान से आरंभ हुई थी। जब सैकड़ों लोगों ने मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर जिला बनाने की मांग की थी।
लोगों का कहना है कि पिछले वर्षों में असंध के सभी विधायकों ने इस मुद्दे को उठाया लेकिन अब लोगों को मौजूदा भाजपा विधायक योगेंद्र राणा और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से उम्मीद है कि भाजपा सरकार अपने कार्यकाल में यह ऐतिहासिक निर्णय लेकर असंध को जिला घोषित करेगी, जिससे क्षेत्र के लोगों को मुख्यालय से जुड़े कार्यों के लिए 40 से 70 किलोमीटर दूर तक करनाल नहीं जाना पड़ेगा।
सीएम को सौंपा था ज्ञापन
समाजसेवी नरेश गोगी ने कहा कि 2008 में जेसीआई संस्था सहित विभिन्न संस्थाओं ने असंध को जिला बनाने के लिए हस्ताक्षर अभियान चलाया था। सैकड़ों लोगों के हस्ताक्षर एकत्र कर एसडीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन दिया गया। आज भी जनता उसी उम्मीद पर कायम है कि यह सपना अब साकार होना चाहिए।
विकास में होगी बढ़ोतरी
श्री कृष्ण गोपाल गोशाला उपलाना समिति के प्रधान विनोद राणा ने कहा कि हमें विश्वास है कि विधायक योगेंद्र राणा के प्रयासों से असंध जल्द जिला बनेगा। वे विधानसभा में लगातार यह मुद्दा उठा रहे हैं और मुख्यमंत्री तक सालवन की धरती से वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में असंध को जिला बनाने की मांग रख चुके हैं। उन्होंने कहा कि जिला बनने से रोजगार और विकास के अवसरों में भारी बढ़ोतरी होगी।
सभी प्रशानिक मानक पूरे
समाजसेवी नरेंद्र मल्होत्रा ने कहा कि पूर्व विधायक शमशेर सिंह गोगी ने असंध को जिला बनाने के लिए निरंतर संघर्ष किया। विधानसभा में पुरजोर आवाज उठाई पर किसी कारण से वे प्रयास सफल नहीं हो पाए। आज असंध सभी प्रशासनिक मानकों को पूरा करता है। इसलिए सरकार को इसे तुरंत जिला घोषित करना चाहिए।
रोजगार को मिलेगी नई दिशा
समाजसेवी परमजीत सिंह विर्क ने कहा कि सरकार को अब जनता की आवाज को अनसुना नहीं करना चाहिए। असंध से कई गांव ऐसे हैं जो जिला मुख्यालय से 70 किलोमीटर दूर हैं। जिला बनने से लोगों का समय और टोल दोनों की बचत होगी, साथ ही क्षेत्र में व्यापार और रोजगार को नई दिशा मिलेगी।
संसाधनों का होगा विस्तार
मेजर सिंह चोरकारसा ने कहा कि अगर असंध को जिला बनाया जाता है, तो निश्चित रूप से शहर में विकास और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। उद्योग, सड़कों और संसाधनों का विस्तार होगा और असंध का हर वर्ग खुशहाल बनेगा।
70 किमी है जिला मुख्यालय के दूरी
समाजसेवी सुभाष मूंड ने कहा कि हलके के गांव पोपड़ा की दूरी जिला मुख्यालय करनाल से करीब 70 किलोमीटर है। जिला बनने से लोगों को बार-बार की यात्रा से राहत मिलेगी और समय, टोल और धन की बचत होगी।