संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। जिले के 119 राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में पढ़ाई को डिजिटल बनाने की दिशा में फरवरी माह में शुरू की गई स्मार्ट क्लास योजना अब अमल के चरण में पहुंच गई है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में एलईडी स्क्रीन लगाने का काम शुरू कर दिया है। अप्रैल माह के अंत तक सभी चयनित स्कूलों में इन्हें लगा देने का लक्ष्य है। मई से बाल वाटिका से कक्षा 5 तक के विद्यार्थियों को ऑडियो-विजुअल माध्यम से पढ़ाई कराई जाएगी।
योजना के तहत असंध, इंद्री, नीलोखेड़ी, निसिंग और करनाल ब्लॉक के चिह्नित 119 स्कूलों में एलईडी पहले ही पहुंचाई जा चुकी हैं। अब दिल्ली से आई इंजीनियरों की टीमें इन्हें लगाने का काम कर रही हैं। विभागीय अधिकारी लगातार निगरानी कर रहे हैं।
जिन स्कूलों में बिजली कनेक्शन या तकनीकी व्यवस्थाएं पूरी नहीं हैं, वहां पहले इनकी व्यवस्था की जा रही है। ऐसे स्कूलों में काम पूरा होने में समय लग सकता है, इसलिए पूरे प्रोजेक्ट के लिए अप्रैल माह तक की समय सीमा तय की गई है।
- प्रेजेंटेशन और रिकॉर्डेड पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे
एलईडी के जरिए कक्षाओं में ऑनलाइन कंटेंट, शैक्षणिक वीडियो, प्रेजेंटेशन और रिकॉर्डेड पाठ्यक्रम चलाए जाएंगे। इससे बच्चों के लिए पढ़ाई अधिक रोचक बनेगी। खासकर छोटे बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ाने पर जोर दिया गया है। एफएलएन अधिकारी अंशुल ने बताया कि डिजिटल सामग्री के उपयोग से शिक्षक भी बेहतर तरीके से अध्यापन कर सकेंगे। इससे कठिन विषयों को सरल तरीके से समझाना आसान होगा और कक्षा में बच्चों की भागीदारी भी बढ़ेगी।
- करीब 12 हजार विद्यार्थियों को मिलेगा लाभ
असंध, इंद्री, करनाल, नीलोखेड़ी और निसिंग ब्लॉकों के 119 स्कूलों में पढ़ने वाले करीब 12 हजार से अधिक विद्यार्थियों को इस योजना का सीधा लाभ मिलेगा। चिन्हित स्कूलों में असंध के 28 स्कूलों में लगभग 3031, इंद्री के 41 स्कूलों में 3870, करनाल के दो स्कूलों में 358, नीलोखेड़ी के 26 स्कूलों में 2454 और निसिंग के 22 स्कूलों में करीब 2469 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं।
वर्जन-
प्राथमिक स्कूलों में एलईडी लगने से न केवल शिक्षा की गुणवत्ता सुधरेगी, बल्कि सरकारी स्कूलों में नामांकन और उपस्थिति में भी बढ़ोतरी होगी। अप्रैल माह तक काम पूरा करने का लक्ष्य है। - नीलम कुंडू, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी