माई सिटी रिपोर्टर
करनाल। महेंद्रगढ़ में स्कूल बस हादसे के बाद अब स्कूल बसों की जांच जारी है। ऐसे में स्कूल के खिलाफ कार्रवाई न हो और बदनामी के डर से कई स्कूल संचालकों ने अपनी कंडम हो चुकी व पुरानी बसों की एनओसी लेना शुरू कर दिया है। सेक्टर-32 के मैदान में शुक्रवार को कई स्कूल संचालकों ने अपने वाहन की एनओसी मांगी। उनका कहना है कि वे ऐसी बसों को एनसीआर क्षेत्र में नहीं चला सकते।
सेक्टर-32 के मैदान में पासिंग के लिए कुल 98 वाहन पहुंचे। इनमें से 81 स्कूल बसें थी। इनमें से सात के मानकों के अनुरूप न होने के कारण इनकी फाइलें जांच टीम ने रोक दी। जबकि 20 बसों ने पासिंग कराने के साथ ही एनओसी लेने के लिए भी आवेदन कर दिया। जबकि अन्य बसों को जांच के बाद पास कर दिया गया। इनकी फाइलें फिटनेस प्रमाणपत्र के लिए जमा हो चुकी हैं।
सेक्टर-32 के मैदान में पासिंग का कार्य आरटीए निरीक्षक गुलाब और एमवीआई अनिल के नेतृत्व में हुआ। उन्होंने कहा कि जिन सात बसों की फाइल रोकी गई है। उनमें से किसी बस में अग्निशमन संयंत्र नहीं थे। तो किसी में हाई सिक्योरिटी नंबर प्लेट नहीं लगी थी। इसके अलावा दो बसों में सीसीटीवी कैमरों की रिकार्डिंग जांचने के लिए एलईडी स्क्रीन नहीं लगी हुई थी।
पासिंग के बाद मांगी एनओसी
परिवहन विभाग के नियम के अनुसार, एनओसी लेने से पहले वाहन के पिछले टैक्स का भुगतान करना होता है। इसके साथ ही वाहन की पासिंग भी करानी होती है। पासिंग होने के बाद ही विभाग की ओर से फिटनेस प्रमाणपत्र जारी किया जाता है। इसके बाद ही वाहन का मालिक एनओसी के लिए आवेदन कर सकते हैं। जिसे एनसीआर क्षेत्र से बाहर बाद में पंजीकरण कराया जा सकता है।