संवाद न्यूज एजेंसी
करनाल। श्री सांवरिया मित्र मंडल की ओर से श्रीकृष्ण मंदिर सेक्टर-14 में आयोजित श्रीमद्धभागवत कथा में प्रवचन करते हुए कुंजबिहारी दास वृंदावन वाले ने कहा कि जीव के हजारों वर्ष के जो पाप हैं वह भगवान के नाम रूपी अग्नि के द्वारा जल जाते हैं। इसलिए कलयुग में जीव के कल्याण के लिए सबसे सरल कोई उपाय है तो वह भगवान का नाम संकीर्तन है। कुंजबिहारी दास ने कहा कि बालक ध्रुव ने पांच वर्ष में ही भगवान को पा लिया था।
श्रीमद् भागवत श्रवण करने से मनुष्य जीवन सार्थक होता है। जन्म तो हर प्राणी एवं मनुष्य लेता है, लेकिन उसे अपने जीवन का अर्थ बोध नहीं होता है। बाल्यावस्था से लेकर मृत्यु तक वह सांसारिक गतिविधियों में ही लिप्त होकर इस अमूल्य जीवन को नश्वर बना देता है।
श्रीमद् भागवत ऐसी कथा है जो जीवन के उद्देश्य एवं दिशा को दर्शाती है। इसलिए जहां भी भागवत होती है इसे सुनने मात्र से वहां का संपूर्ण क्षेत्र दुष्ट प्रवृत्तियों से खत्म होकर सकारात्मक उर्जा से सशक्त हो जाता है। 27 दिसंबर को सुबह हवन यज्ञ व दोपहर को भंडारे का आयोजन किया जाएगा। इस अवसर पर विजेंद्र गोयल, पवन सैनी, योगेंद्र गुप्ता, पवन कुमार, अक्षय गुप्ता, राजेश गर्ग, राकेश गोयल, राजीव गर्ग, अंकित गुप्ता, दीपक गोयल, राकेश जिंदल, गणेश गर्ग, समीर गुप्ता, जितेंद्र सिंगला, संदीप गुप्ता, नवीन शर्मा, तरसेम गुप्ता व पंकज गुप्ता आदि मौजूद रहे।