अनाज मंडी में बारिश के पानी में बहता धान। संवाद
इंद्री। सुबह हुई तेज बारिश से इंद्री अनाज मंडी में अव्यवस्था उजागर हो गई। खुले में रखा करीब 22 हजार क्विंटल धान भीग गया, जिससे किसानों की परेशानी बढ़ गई है। परिसर में जलभराव से किसानों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का आरोप है कि निकासी की उचित व्यवस्था न होने के कारण हर साल ऐसी स्थिति बनती है। मंडी प्रशासन की लापरवाही के चलते धान की बोरियां पिछले काफी दिनों से खुले में रखी थीं। रविवार को हुई बारिश और मौसम विभाग की चेतावनी के बाद भी मंडी प्रशासन व अधिकारियों ने फसल की कोई सुध नहीं ली। किसान अशोक कुमार ने बताया कि खेतों में खड़ी फसल पहले ही बारिश से बिछ गई थी, जिससे नुकसान हुआ है। अब मंडी में लाई गई फसल भीगने से उन्हें दोहरी मार पड़ रही है।
किसान चरणजीत ने बताया कि शेड के बाहर रखी बोरियां खराब होने की कगार पर हैं। कई जगह एक फुट तक पानी भर गया है। किसानों ने नमी के नाम पर कटौती का भी आरोप लगाया है। वहीं, मार्केट कमेटी सचिव अमित कुमार ने कहा कि कुछ बोरियां भीगने की सूचना मिली है। उन्होंने बताया कि आढ़तियों और राइस मिलरों को पहले ही सचेत किया गया था। मौके का निरीक्षण कर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि उठान कार्य सुचारु रूप से जारी है।